नीतिबाल अधिकार
ऑनलाइन बाल शोषण सामग्री पकड़ने वाले एआई टूल पर तेज़ी से काम करे एनसीपीसीआर: अन्नपूर्णा देवी
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के दौरे में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने टेक कंपनियों के लिए सोशल मीडिया दिशानिर्देश जल्द तय करने और 31 दिसंबर तक सभी लंबित फाइलें निपटाने को कहा।

मुख्य बातें
- अन्नपूर्णा देवी ने एनसीपीसीआर से ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री पकड़ने वाले एआई टूल पर काम तेज़ करने को कहा।
- आयोग टेक कंपनियों के लिए सोशल मीडिया दिशानिर्देश तैयार कर रहा है।
- सभी लंबित फाइलें 31 दिसंबर 2026 तक निपटानी होंगी।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री का पता लगाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल पर काम तेज़ करने को कहा।
यह टूल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर बनाया जा रहा है। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष वी. प्रेम चंद ने मंत्री को बताया कि आयोग टेक कंपनियों के लिए सोशल मीडिया दिशानिर्देश भी तैयार कर रहा है। मंत्री ने दोनों को जल्द अंतिम रूप देकर लागू करने को कहा और कहा कि इन पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।
मंत्री 2 से 31 अक्टूबर तक चल रहे सरकार के स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन अभियान के तहत जनपथ के चंद्रलोक भवन में आयोग के दफ्तर पहुंची थीं। उन्होंने प्रेम चंद और सदस्य सचिव संजीव शर्मा से मुलाकात की और कर्मचारियों से बात की।
एनसीपीसीआर ने बताया कि 2025-26 में उसने 5.3 लाख से ज़्यादा पन्ने स्कैन करने के बाद 7,000 से अधिक फाइलें निपटाईं। इस साल आयोग का लक्ष्य 8 लाख से ज़्यादा पन्ने स्कैन करने और 10,000 से अधिक फाइलें निपटाने का है। अन्नपूर्णा देवी ने निर्देश दिया कि सभी लंबित फाइलें 31 दिसंबर तक निपटाई जाएं, कागज़ी फाइलों को डिजिटल किया जाए और सिर्फ ज़रूरी फाइलें ही कागज़ पर रखी जाएं, और पुराने रिकॉर्ड तेज़ी से हटाए जाएं ताकि दफ्तर में जगह खाली हो।
उन्होंने आयोग से मिलने वाली शिकायतों को संवेदनशीलता और तेज़ी से निपटाने और शिकायतकर्ताओं की हर संभव मदद करने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
मूल दस्तावेज़
- Union Minister Annapurna Devi visits NCPCR, reviews functioning (Hindi release)PIB, Ministry of Women and Child Development, 13 अक्टूबर 2026