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असम में नशे के ख़िलाफ़ कार्रवाई में 945 गिरफ़्तार, 547 केस; अमित शाह ने पुलिस को सराहा

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और राज्य पुलिस को 12 अक्टूबर के अभियान के लिए बधाई दी, जिसमें 703 ड्रग हॉटस्पॉट पर भी कार्रवाई हुई।

संपादकीय डेस्क से · गुवाहाटीप्रकाशित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Captgs / Wikimedia Commons; Manabdeka / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 and CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. 12 अक्टूबर को असम पुलिस के राज्यव्यापी अभियान में 945 गिरफ़्तारियां और 547 केस दर्ज हुए।
  2. करीब ₹182 करोड़ के नशीले पदार्थ ज़ब्त हुए और 703 हॉटस्पॉट पर छापे पड़े।
  3. करीब ₹31 करोड़ की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया चल रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और राज्य पुलिस की तारीफ़ की। नशे के ख़िलाफ़ राज्यव्यापी कार्रवाई में 945 लोग गिरफ़्तार हुए और 547 केस दर्ज किए गए।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, असम पुलिस ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गहन तैयारी के बाद 12 अक्टूबर को यह राज्यव्यापी अभियान चलाया। करीब ₹182 करोड़ के नशीले और मनःप्रभावी पदार्थ ज़ब्त किए गए और पुलिस ने 703 से ज़्यादा ड्रग हॉटस्पॉट पर छापे मारे।

शाह ने एक्स पर लिखा, “ड्रग नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार!” उन्होंने कहा कि नार्कोटिक्स नियंत्रण पर विज़न डॉक्यूमेंट 2026-29 “ड्रग नेटवर्क को ख़त्म करने, उनकी आर्थिक जड़ों पर चोट करने और हमारे युवाओं को बचाने के हमारे संकल्प को दोहराता है।” उन्होंने यह भी कहा, “नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई अटूट संकल्प के साथ जारी रहेगी।”

मंत्रालय के ब्योरे में पैसों से जुड़ी कार्रवाई पर ख़ास ज़ोर था। करीब ₹31 करोड़ की संपत्तियों को ज़ब्त करने, कुर्क करने या फ़्रीज़ करने की प्रक्रिया चल रही है, और स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस) के तहत 157 प्रस्तावों पर काम हो रहा है।

पुलिस ने 73 गैर-ज़मानती वारंट भी तामील किए और 47 फ़रार लोगों को पकड़ा, जिनमें 10 दूसरे पूर्वोत्तर राज्यों से थे। अभियान सिर्फ़ नशीले पदार्थों तक सीमित नहीं रहा: सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत 2,229 छापे पड़े, 3,662 कारोबारी प्रतिष्ठानों की जांच हुई, 2,943 शिक्षण संस्थानों का सर्वे हुआ और 1,34,539 लीटर शराब ज़ब्त या नष्ट की गई।

पुलिस ने 633 जागरूकता कार्यक्रम भी किए, जिनसे मंत्रालय के मुताबिक 1,12,532 नागरिक और छात्र जुड़े।

मूल दस्तावेज़