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वॉकी-टॉकी बेचने वाली एक और कंपनी पर जुर्माना, कुल जुर्माना ₹58 लाख तक पहुंचा

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को वॉकी-टॉकी की 16,000 से ज्यादा ऑनलाइन लिस्टिंग मिली हैं, जिनमें न फ्रीक्वेंसी बताई गई थी, न लाइसेंस के नियम।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
एक हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी (फ़ाइल फ़ोटो)
एक हैंडहेल्ड वॉकी-टॉकी (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Варвара Каминская / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. सीसीपीए ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों और लिस्टिंग पर एक निजी कंपनी पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
  2. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर 16,000 से ज्यादा नियम-विरुद्ध लिस्टिंग पकड़ी गई हैं।
  3. अब तक 12 इकाइयों के खिलाफ अंतिम आदेशों में कुल ₹58 लाख का जुर्माना लगा है।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों और प्रोडक्ट लिस्टिंग के लिए एक निजी कंपनी पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। कानून के तहत जरूरी जानकारी दिए बिना ऑनलाइन बेचे जा रहे रेडियो सेटों पर चल रही कार्रवाई में यह ताजा कदम है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने रविवार को बताया कि लिस्टिंग में जरूरी नियामक जानकारी नहीं थी, जैसे उपकरण किस फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं और उन पर लाइसेंस के कौन से नियम लागू होते हैं। कंपनी का नाम नहीं बताया गया।

प्राधिकरण ने यह मामला खुद संज्ञान लेकर शुरू किया था, जब उसने देखा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर अनिवार्य जानकारी के बिना बड़े पैमाने पर वॉकी-टॉकी लिस्ट और बेचे जा रहे हैं। तब से वह अलग-अलग प्लेटफॉर्मों पर 16,000 से ज्यादा नियम-विरुद्ध लिस्टिंग की पहचान कर चुका है और 13 ई-कॉमर्स इकाइयों को नोटिस भेज चुका है।

इनमें से 12 के खिलाफ अब तक अंतिम आदेश पारित हो चुके हैं। वॉकी-टॉकी से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए इन पर कुल ₹58 लाख का जुर्माना लगा है।

फ्रीक्वेंसी क्यों मायने रखती है

वॉकी-टॉकी रेडियो ट्रांसमीटर होते हैं। कोई सेट कानूनी रूप से इस्तेमाल हो सकता है या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि वह किस बैंड में काम करता है और उसके लिए लाइसेंस चाहिए या नहीं। प्रोडक्ट पेज पर यह जानकारी न हो तो खरीदार के पास यह जानने का कोई तरीका नहीं कि कार्ट में रखा सेट नियम तोड़े बिना चालू किया जा सकता है या नहीं। प्राधिकरण ने इसी छूटी हुई जानकारी को भ्रामक माना है।

मंत्रालय ने इस कार्रवाई को भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार व्यवहार के खिलाफ सीसीपीए की लगातार चल रही कार्रवाई का हिस्सा बताया। उसने यह नहीं बताया कि नोटिस पाने वाली 13वीं इकाई के खिलाफ और आदेश लंबित हैं या नहीं।

मूल दस्तावेज़