LokVox

नीतिप्रौद्योगिकी

सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया क्वांटम-सुरक्षित बैंकिंग तकनीक पर साथ करेंगे काम

सरकारी कंप्यूटिंग केंद्र और सार्वजनिक क्षेत्र का यह बैंक बैंकिंग के लिए क्वांटम, एआई और ब्लॉकचेन तकनीक पर संयुक्त शोध और प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट तैयार करेंगे।

संपादकीय डेस्क सेप्रकाशित
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (फ़ाइल फ़ोटो)
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Devdiscourse / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. सी-डैक और बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग में क्वांटम तकनीक के लिए 22 अक्टूबर को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  2. दोनों वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम इकोसिस्टम बनाएंगे और सुरक्षित सैंडबॉक्स में प्रयोग करेंगे।
  3. समझौते में एआई, ब्लॉकचेन और धोखाधड़ी विश्लेषण के साथ कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शामिल है।

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) और बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए तैयार करने पर साथ काम करने का फैसला किया है, यानी इसके अवसरों और इससे पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों, दोनों के लिए।

समझौता ज्ञापन पर गुरुवार को हस्ताक्षर हुए और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। यह संयुक्त शोध, पायलट प्रोजेक्ट, तकनीकी प्रदर्शन और प्रशिक्षण का ढांचा तय करता है। मुख्य परियोजना को दोनों ने वित्तीय नवाचार के लिए क्वांटम इकोसिस्टम कहा है, जिसमें बैंकिंग प्रणालियों की सुरक्षा और फैसले लेने में मदद के लिए “क्वांटम-प्रेरित” और “क्वांटम-सुरक्षित” तकनीक पर काम होगा।

दोनों साझेदार बैंकिंग में इस्तेमाल की सूची बनाएंगे, सुरक्षित सैंडबॉक्स में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट तैयार करेंगे, उन्हें मौजूदा प्रणालियों से तुलना कर परखेंगे और पायलट की ओर अगले कदम तय करेंगे।

सी-डैक के महानिदेशक ई. मगेश ने कहा, “बैंक ऑफ इंडिया के साथ यह सहयोग भारत की स्वदेशी क्वांटम और उभरती तकनीकी क्षमताओं को व्यावहारिक बैंकिंग समाधानों में बदलने की दिशा में एक अहम कदम है।”

बैंक के कार्यकारी निदेशक राजीव मिश्रा ने कहा, “क्वांटम तकनीकें बैंकिंग के कई पहलुओं को बदल सकती हैं, साइबर सुरक्षा से लेकर जटिल वित्तीय फैसलों तक।”

क्वांटम से आगे

समझौते में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन भी शामिल हैं। संभावित क्षेत्रों में दस्तावेज प्रोसेसिंग, ग्राहकों और कर्मचारियों की मदद, धोखाधड़ी विश्लेषण, क्रेडिट एनालिटिक्स, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, डिजिटल पहचान और सुरक्षित डेटा साझेदारी हैं। क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सुरक्षा और एआई में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी योजना का हिस्सा हैं।

आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि बढ़ती साइबर सुरक्षा चिंताओं के दौर में वित्तीय प्रणाली को क्वांटम खतरों के प्रति मजबूत बनाना होगा। समझौते का आदान-प्रदान सी-डैक मुंबई के कार्यकारी निदेशक आदित्य कुमार सिन्हा और बैंक के मुख्य सूचना अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने किया।

मूल दस्तावेज़