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जनसांख्यिकीय बदलाव पर बनी समिति ने अवैध प्रवासन पर सुझावों के लिए पोर्टल खोला

गृह मंत्रालय की ओर से मई में बनी समिति सरकारों, संस्थाओं और आम लोगों से आबादी में बदलाव और बसावट के तरीकों पर आंकड़े मांग रही है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
नॉर्थ ब्लॉक, गृह मंत्रालय का मुख्यालय
नॉर्थ ब्लॉक, गृह मंत्रालय का मुख्यालयPhoto: Pinakpani / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. सेवानिवृत्त जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर ने demography.mha.gov.in पोर्टल शुरू किया।
  2. समिति को अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन की व्यवस्था सुझानी है।
  3. समिति 26 मई को बनी थी और उसे एक साल में अंतिम रिपोर्ट देनी है।

जनसांख्यिकीय बदलाव और अवैध प्रवासन के अध्ययन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की बनाई समिति ने एक सार्वजनिक वेब पोर्टल शुरू किया है और सरकारों, संगठनों और आम नागरिकों से जानकारी मांगी है।

जनसांख्यिकीय बदलाव पर उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर ने बुधवार को नई दिल्ली में demography.mha.gov.in पोर्टल की शुरुआत की। केंद्रीय मंत्रालय, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें, एनजीओ, संस्थाएं और आम लोग इस पर मंत्रालय के शब्दों में “अस्वाभाविक” जनसांख्यिकीय बदलावों, उनकी वजहों और असामान्य बसावट के बारे में आंकड़े और जानकारी भेज सकते हैं।

समिति का काम

गृह मंत्रालय ने 26 मई 2026 को औपचारिक रूप से समिति का गठन किया था। उसके कार्यक्षेत्र में अवैध घुसपैठ समेत जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़ी चुनौतियों की जांच, और प्रजनन दर में अंतर, सीमा पार आवाजाही, आर्थिक अवसर और योजनाबद्ध प्रवासन जैसे संभावित कारणों का अध्ययन शामिल है। उसे धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर आबादी के ढांचे में ऐसे बदलावों का भी विश्लेषण करना है जो सामान्य रुझान से अलग हों।

नीति के स्तर पर समिति को अवैध प्रवासियों की “कानूनी, निष्पक्ष और समयबद्ध” पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए एक स्थायी व्यवस्था सुझानी है। वह सीमा प्रबंधन, जनसंख्या स्थिरीकरण, पहचान प्रणाली और निगरानी मज़बूत करने के तरीके और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर तालमेल का ढांचा भी सुझाएगी।

समिति में कौन

अध्यक्ष के अलावा समिति में जनगणना आयुक्त, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री शमिका रवि हैं, और गृह मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव सदस्य सचिव हैं। गठन के समय समिति को अंतिम रिपोर्ट के लिए एक साल दिया गया था, यानी रिपोर्ट मई 2027 तक आनी है।

मूल दस्तावेज़