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देश की आंतरिक सुरक्षा की तस्वीर 'हमेशा के लिए बदल चुकी है': नए आईपीएस अफसरों से गृह सचिव

गोविंद मोहन ने हैदराबाद में आईपीएस के 78वें बैच से कहा कि अब नशा, साइबर अपराध और अवैध घुसपैठ बड़ी चुनौतियां हैं, और पूर्वोत्तर की समस्या उग्रवाद नहीं बल्कि जातीय संघर्ष है।

संपादकीय डेस्क से · हैदराबादप्रकाशित
सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Asimali2003 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से 151 प्रशिक्षु अधिकारी पास आउट हुए, जिनमें 37 महिलाएं और पड़ोसी देशों के 16 अधिकारी हैं।
  2. गोविंद मोहन ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है और पूर्वोत्तर में अब मुख्य रूप से जातीय संघर्ष है।
  3. उन्होंने नशा, साइबर अपराध और अवैध घुसपैठ को नई चुनौतियां बताया।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को हैदराबाद में नए प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों से कहा कि जिन ताकतों ने कभी देश की आंतरिक सुरक्षा की दिशा तय की थी, वे काफी हद तक कमजोर पड़ चुकी हैं और उनकी जगह नशा, साइबर अपराध और अवैध घुसपैठ ने ले ली है।

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के 78वें रेगुलर रिक्रूट बैच की दीक्षांत परेड में मोहन ने कहा, “आंतरिक सुरक्षा का पारंपरिक परिदृश्य हमेशा के लिए बदल चुका है।” यह परेड 151 प्रशिक्षु अधिकारियों के पहले चरण के प्रशिक्षण के पूरा होने पर हुई। इनमें 37 महिलाएं और पड़ोसी देशों के 16 अधिकारी शामिल हैं।

मोहन ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है और पूर्वोत्तर में उग्रवाद बेहद मामूली स्तर पर सिमट गया है। उन्होंने कहा, “पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में जो हो रहा है, वह उग्रवाद नहीं है। यह मुख्य रूप से जातीय संघर्ष है।” उन्होंने यह भी कहा, “देश के भीतर पनपा आतंकवाद भी कमोबेश खत्म हो चुका है,” हालांकि उन्होंने दिल्ली के लाल किला धमाके का हवाला देते हुए कहा कि खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

नई चुनौतियां

उन्होंने कहा कि म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम कार्डों के सहारे साइबर अपराध अब “आसान धंधा” बन गया है, और इसके खिलाफ असली लड़ाई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लड़नी होगी। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर “फर्जी संदेशों, डीपफेक वीडियो और हर तरह की बदली हुई हकीकत” से सावधान किया, जो अशांति भड़का सकती है, और कहा कि अवैध विदेशियों की पहचान कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

मोहन ने गृह मंत्री अमित शाह का संदेश भी पढ़ा, जिसमें आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस, बेहतर खुफिया तालमेल, स्मार्ट बॉर्डर इनिशिएटिव में युवा अधिकारियों की भूमिका और “नशा-मुक्त भारत” की दिशा में काम करने की बात थी। मोहन ने याद दिलाया कि शाह ने तीन साल में देश को नशा-मुक्त बनाने का वादा किया है।

उन्होंने बैच से कहा कि वे प्रचार से दूर रहें और उनका काम ही उनकी पहचान बने।