नीतिरक्षा
उलानबातर में संयुक्त कार्य समूह की बैठक में भारत-मंगोलिया ने रक्षा संबंधों की समीक्षा की
14वें संयुक्त कार्य समूह में प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास और साइबर सुरक्षा पर बात हुई। भारतीय अधिकारियों ने भारत की मदद से बना साइबर प्रशिक्षण केंद्र भी देखा।

मुख्य बातें
- रक्षा पर भारत-मंगोलिया संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक शुक्रवार को उलानबातर में हुई।
- दोनों पक्षों ने पिथौरागढ़ में हाल में हुए सेना अभ्यास नोमैडिक एलीफ़ेंट की सराहना की।
- मंगोलिया ने साइबर सुरक्षा और अपने सैनिकों के प्रशिक्षण में मदद के लिए भारत का आभार जताया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत और मंगोलिया ने शुक्रवार को उलानबातर में अपने संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक में रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इसे बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी ने किया। मंगोलिया की ओर से उप रक्षा राज्य सचिव ब्रिगेडियर जनरल गनसुख ई. शामिल हुए। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने दोस्ती और आपसी भरोसे के अपने पुराने रिश्तों को दोहराया।
दोनों पक्षों ने मौजूदा कार्यक्रमों का जायज़ा लिया, सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचार साझा किए। मकसद भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा संबंधों को और गहरा करना है।
अभ्यास और प्रशिक्षण
दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने नोमैडिक एलीफ़ेंट की सफलता की सराहना की। यह दोनों सेनाओं का सालाना प्लाटून-स्तरीय अभ्यास है जो बारी-बारी से दोनों देशों में होता है। इसका 18वां संस्करण 21 सितंबर से 3 अक्टूबर तक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के फ़ॉरेन ट्रेनिंग नोड में हुआ, जिसमें हर पक्ष के 45 सैनिक शामिल थे।
भारतीय दल ने मंगोलिया की नेशनल डिफ़ेंस यूनिवर्सिटी जाकर भारत की मदद से बने साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र का जायज़ा लिया। मंगोलिया ने अपने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने, कर्मियों के प्रशिक्षण, भाषा पाठ्यक्रमों और साइबर सुरक्षा में भारत के सहयोग की सराहना की।
त्रिपाठी ने मंगोलियाई सशस्त्र बलों के उप सेनाध्यक्ष मेजर जनरल उसुखबयार जे. से भी मुलाकात की।