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लिकटेंस्टाइन के वंशानुगत राजकुमार अलोइस की राजकीय यात्रा शुरू, आज वडोदरा, मंगलवार को मोदी से बातचीत

लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष रविवार रात मुंबई पहुंचने वाले थे। विदेश मंत्रालय ने चार दिन की इस यात्रा को लागू हो चुके भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते से जोड़ा है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
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लिकटेंस्टाइन के वंशानुगत राजकुमार अलोइस (फ़ाइल फ़ोटो)
लिकटेंस्टाइन के वंशानुगत राजकुमार अलोइस (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Information und Kommunikation der Regierung, Vaduz / Wikimedia Commons, Attribution

मुख्य बातें

  1. वंशानुगत राजकुमार अलोइस 25 से 28 अक्टूबर तक चार दिन की राजकीय यात्रा पर भारत में हैं।
  2. वे सोमवार को वडोदरा जाएंगे और दोपहर में दिल्ली पहुंचेंगे।
  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी बातचीत मंगलवार को हैदराबाद हाउस में होनी है।

लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष, वंशानुगत राजकुमार अलोइस, रविवार देर रात चार दिन की राजकीय यात्रा पर मुंबई पहुंचने वाले थे। इस साल यह उनकी दूसरी भारत यात्रा है।

उनके साथ उनकी पत्नी, वंशानुगत राजकुमारी सोफी, और एक आधिकारिक व कारोबारी प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें कई उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल हैं। 25 से 28 अक्टूबर तक की यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है।

विदेश मंत्रालय के जारी कार्यक्रम के मुताबिक, दंपती सोमवार सुबह जल्दी मुंबई से वडोदरा जाएंगे। गुजरात के इस शहर में कार्यक्रमों के बाद वे नई दिल्ली रवाना होंगे और दोपहर में पालम वायुसेना स्टेशन पहुंचेंगे। मंत्रालय ने यह नहीं बताया है कि राजकुमार वडोदरा में क्या करेंगे।

दिल्ली का कार्यक्रम

मंगलवार सबसे अहम दिन है। इसकी शुरुआत राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत से होगी, जिसके बाद वे राजघाट पर श्रद्धांजलि देंगे। फिर हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से उनकी बातचीत होगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार तथा लोगों के बीच संपर्क में सहयोग पर चर्चा करेंगे और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रम पर विचार साझा करेंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ताज महल होटल में उनसे मुलाकात करेंगे। दिन के आखिर में वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेंगे, जो उनके सम्मान में भोज भी देंगी। प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर रवाना होगा।

यात्रा के पीछे व्यापार समझौता

विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को सीधे भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टेपा) से जोड़ा है। लिकटेंस्टाइन, आइसलैंड, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के चार सदस्यों में से एक है।

मंत्रालय ने कहा, “इस यात्रा से भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच बढ़ते जुड़ाव को और गति मिलने की उम्मीद है, खासकर 2025 में भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद से।” उसने यह भी कहा कि यात्रा से दोनों देशों के “मैत्रीपूर्ण संबंध और गहरे” होंगे और “आपसी हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी” बनाने में मदद मिलेगी।

टेपा पर करीब 16 साल की बातचीत के बाद मार्च 2024 में हस्ताक्षर हुए थे और यह अक्टूबर 2025 में लागू हुआ। इसके तहत ईएफटीए देशों ने 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई है।

जाना-पहचाना मेहमान

भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच 1993 में राजनयिक संबंध बने थे और 2023 में इनके 30 साल पूरे हुए। स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत ही लिकटेंस्टाइन के लिए भी मान्यता प्राप्त हैं।

राजकुमार भारत से परिचित हैं। वे फरवरी में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए नई दिल्ली आए थे, जहां उन्होंने इतर मोदी से मुलाकात की थी। इससे पहले वे 2010 और 2018 में भी भारत आ चुके हैं।

अपडेट 26 अक्टूबर 2026, सुबह 5:20 बजे: यह खबर पहली बार प्रकाशित होने के बाद अपडेट की गई।