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शिकागो के पास हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश से भारत "बेहद चिंतित"

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह मामला अमेरिका में नस्लवादी शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंता को और गहरा करता है। उसने अमेरिकी अधिकारियों से दोषियों को सज़ा दिलाने को कहा।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
लेमॉन्ट स्थित हिंदू टेंपल ऑफ़ ग्रेटर शिकागो
लेमॉन्ट स्थित हिंदू टेंपल ऑफ़ ग्रेटर शिकागोPhoto: hakkun / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. विदेश मंत्रालय ने इलिनॉय के एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना पर गहरी चिंता जताई।
  2. 19 साल के अलेक्ज़ांड्रोस पापोराकिस पर आतंकी धमकी देने का आरोप लगा है, जो क्लास X श्रेणी का गंभीर अपराध है।
  3. पुलिस के मुताबिक उससे जुड़े एक दस्तावेज़ में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का ज़िक्र था।

भारत ने अमेरिका में एक हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश पर “गहरी चिंता” जताई है और अमेरिकी अधिकारियों से कहा है कि वे भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नस्लवादी शत्रुता से सख्ती से निपटें।

मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की खबरों से बेहद चिंतित हैं।” उन्होंने कहा, “यह घटना अमेरिका में नस्लवादी शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ाती है।”

उन्होंने कहा कि इस साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का ज़िक्र, बेहद परेशान करने वाला है। भारत ने गिरफ्तारी और आरोपों पर ध्यान दिया है और वह पूरी जांच और ऐसी घटनाएं रोकने के उपाय चाहता है। जायसवाल ने कहा, “ज़्यादा सतर्कता की ज़रूरत है, नफरत से प्रेरित हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी मामले की पूरी जांच करेंगे और ज़िम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाएंगे।”

इलिनॉय पुलिस क्या कहती है

आरोपी इलिनॉय के पैलेटाइन का 19 वर्षीय अलेक्ज़ांड्रोस पापोराकिस है। पैलेटाइन पुलिस का कहना है कि उसकी जांच 11 अक्टूबर को शुरू हुई, जब माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस ने संभावित सामूहिक गोलीबारी की जानकारी साझा की। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति से मिली थी, जिसे पापोराकिस की ओर से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश मिले थे।

पुलिस के अनुसार, उसने एक हिंदू मंदिर पर हमले की योजना वाला दस्तावेज़ साझा किया था, साथ में राइफल, मैगज़ीन, बॉडी आर्मर और टैक्टिकल सामान की तस्वीरें भी। उसे घर से निकलते समय गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने एक राइफल, भरी हुई मैगज़ीन, सैकड़ों राउंड गोलियां और एक बॉडी आर्मर जैकेट बरामद की, जिस पर श्वेत वर्चस्ववादी प्रतीक वाला पैच लगा था।

जांचकर्ताओं को लगता है कि हमला 11 अक्टूबर को शिकागो के पास ऑरोरा इलाके के किसी हिंदू पूजा स्थल पर करने की योजना थी। मंदिर की पहचान नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि “Why I Fought: A.K.A.: (Aurora Shooter’s Manifesto)” नाम के एक दस्तावेज़ में श्वेत वर्चस्ववादी विचार थे और दक्षिण एशियाई, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात थी। अभियोजकों का यह भी आरोप है कि उसने योजना पर अमल की कोशिश की, लेकिन राइफल में खराबी आने पर भाग गया।

पापोराकिस पर आतंकी धमकी देने का एक आरोप है, जो क्लास X श्रेणी का गंभीर अपराध है, और हथियार गैरकानूनी रूप से रखने का एक आरोप। बुधवार को हिरासत पर सुनवाई में जज ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। बताया गया है कि अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी और एफबीआई स्थानीय पुलिस की मदद कर रही है।

दिल्ली का तीखा रुख

शिकागो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने अमेरिकी कानून-व्यवस्था एजेंसियों की तेज़ कार्रवाई की सराहना की और कहा कि वह इलाके के भारतीय समुदाय के संपर्क में है।

नई दिल्ली की भाषा इस बार खासी तीखी रही। मंत्रालय ने इसे एक अकेला अपराध मानने के बजाय “भारत-विरोधी नफरत” के बड़े सिलसिले से जोड़ा और अमेरिकी अधिकारियों से नफरत से प्रेरित हिंसा के प्रति “ज़ीरो टॉलरेंस” की मांग की।

मामला अब इलिनॉय की अदालतों में आगे बढ़ेगा।