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मोदी और टस्क रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में भारत-पोलैंड सहयोग बढ़ाने पर सहमत

हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद प्रधानमंत्री ने पोलैंड की कंपनियों को रणनीतिक क्षेत्रों में साथ मिलकर विकास और उत्पादन का न्योता दिया। दोनों देशों ने स्टार्टअप ब्रिज और युवाओं के लिए हैकाथॉन की घोषणा की।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (फ़ाइल फ़ोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Chancellery of the Prime Minister of Poland / Wikimedia Commons; Chancellery of the Prime Minister of the Republic of Poland / Wikimedia Commons, CC BY 3.0 pl

मुख्य बातें

  1. नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड टस्क रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग गहरा करने पर सहमत हुए।
  2. मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को इन क्षेत्रों में सह-विकास और सह-उत्पादन का न्योता दिया।
  3. दोनों पक्षों ने भारत-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज शुरू किया और युवाओं के लिए टेक हैकाथॉन की योजना बनाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने पर सहमत हुए।

बातचीत के बाद अपने प्रेस वक्तव्य में मोदी ने कहा, “आज हमने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई है। हम पोलैंड की कंपनियों को इन सभी रणनीतिक क्षेत्रों में भारत के साथ सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए आमंत्रित करते हैं।”

टस्क 2010 के बाद भारत आने वाले पोलैंड के पहले प्रधानमंत्री हैं। अगस्त 2024 में मोदी की वारसॉ यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। गुरुवार सुबह टस्क ने राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की और बातचीत से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की।

व्यापार और सप्लाई चेन

मोदी ने बातचीत को मुश्किल वैश्विक माहौल के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा, “आज दुनिया अनिश्चितता और बदलाव के दौर से गुजर रही है।” उन्होंने दोनों अर्थव्यवस्थाओं की बढ़त का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले साल पोलैंड की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) ने “1 ट्रिलियन डॉलर का ऐतिहासिक पड़ाव” पार किया, जबकि पिछली तिमाही में भारत की विकास दर 7.8% रही।

मोदी ने कहा, “हमें भरोसा है कि दोनों देशों की कंपनियां मिलकर दुनिया के लिए भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करेंगी।” दोनों पक्षों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के बाद पोलैंड के बाजार में भारतीय मशीनरी, रसायन, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान के लिए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने उन्नत विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, बायोटेक्नोलॉजी, रेलवे और मोबिलिटी को ऐसे क्षेत्र बताया जिनमें पोलैंड की कंपनियां भारत में निवेश कर सकती हैं।

स्टार्टअप, खनिज और युवा

बड़े क्षेत्रों के अलावा दोनों नेता महत्वपूर्ण खनिजों और कोयला गैसीकरण में पोलैंड के अनुभव के आधार पर साझेदारी बनाने पर सहमत हुए। उन्होंने भारत-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज भी बनाया और दोनों देशों के युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी हैकाथॉन की योजना बनाई।

मोदी ने कहा, “आईटी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में हमारे संबंध पहले से ही मजबूत हैं।”

सुबह की मुलाकात के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि उन्होंने “कई क्षेत्रों में भारत-पोलैंड सहयोग को गहरा करने पर उनके विचारों की सराहना की।”

आगे क्या

टस्क के साथ वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज दोमान्स्की और एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। वे नई दिल्ली में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। यात्रा के आखिरी दिन, शुक्रवार 23 अक्टूबर को वे बेंगलुरु में आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रमुखों से मिलेंगे।