नीतिशहरी मामले
प्रधानमंत्री आवास के पास रेस कोर्स मस्जिद को छह दिन में खाली करने का नोटिस
भूमि एवं विकास कार्यालय का कहना है कि मस्जिद सरकारी ज़मीन पर है और अनधिकृत है। मस्जिद एनडीएमसी की धरोहर सूची में दर्ज है, और ओवैसी व जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने किरेन रिजिजू से दखल की मांग की है।
मुख्य बातें
- भूमि एवं विकास कार्यालय ने मस्जिद को छह दिन में खाली करने को कहा है।
- एनडीएमसी ने "मस्जिद और परिसर, रेस कोर्स" को अपनी अधिसूचित धरोहर संपत्तियों में रखा है।
- जमीयत के प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की, जिन्होंने हर संभव प्रयास का भरोसा दिया।
भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने नई दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद को छह दिन में परिसर खाली करने का नोटिस दिया है। यह मस्जिद 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री के सरकारी आवास से कुछ ही दूरी पर है।
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत काम करने वाला यह कार्यालय राजधानी में सरकारी और पट्टे की संपत्तियों का प्रबंधन करता है। उसका कहना है कि मस्जिद सरकारी ज़मीन पर है, और उसने इसे अनधिकृत घोषित किया है। नोटिस सोमवार को दिया गया। मस्जिद के प्रतिनिधियों ने बताया कि तब से उसकी बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई है।
सरकारी रिकॉर्ड में यह इमारत साधारण ढांचा नहीं है। नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने “मस्जिद और परिसर, रेस कोर्स” को अपनी अधिसूचित धरोहर संपत्तियों में शामिल किया है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि यह स्थल 1977 के दिल्ली राजपत्र में दर्ज एनडीएमसी धरोहर सूची में और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की संशोधित सूची में भी है।
जमीयत के महासचिव मौलाना मोहम्मद हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी की ओर से सोमवार को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मस्जिद और उससे लगे कब्रिस्तान की सुरक्षा, बिजली-पानी की बहाली और नमाज़ियों को “बिना रुकावट नमाज़ अदा करने” देने की मांग की। जमीयत के मुताबिक रिजिजू ने भरोसा दिलाया कि वह इस मामले में हर संभव प्रयास करेंगे। संगठन ने दिल्ली वक्फ बोर्ड और एनडीएमसी से रिपोर्ट भी मांगी है और आग्रह किया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने से पहले कुछ भी न गिराया जाए।
एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि यह मस्जिद 1977 से राजपत्रित वक्फ संपत्ति है और संशोधित वक्फ कानून के तहत “वक्फ बाय यूज़र” के रूप में संरक्षित है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रेस कोर्स मस्जिद मामले में @KirenRijiju के तत्काल हस्तक्षेप की ज़रूरत है।” उन्होंने वक्फ बोर्ड पर आदेश को चुनौती न देने का आरोप भी लगाया।
बताया जा रहा है कि यह नोटिस रेस कोर्स रोड इलाके में चल रहे एक बड़े बेदखली अभियान का हिस्सा है, जिसमें झुग्गियां भी शामिल हैं। सोमवार से गिनें तो छह दिन की मोहलत इस हफ्ते के आखिर तक खत्म हो जाएगी।