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पूर्वोत्तर में ₹100 जमा पर बैंक सिर्फ ₹47 का कर्ज़ देते हैं: बैंकरों से बोले सिंधिया

आइज़ोल में नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए डोनर मंत्री ने राज्यवार ऋण लक्ष्य और सामुदायिक ज़मीन के हिसाब से ऋण जोखिम ढांचे की मांग की।

संपादकीय डेस्क से · आइज़ोलप्रकाशित
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फ़ाइल फ़ोटो)
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: World Economic Forum on Flickr / Eric Miller / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. पूर्वोत्तर में बैंक हर ₹100 जमा पर सिर्फ ₹47 का कर्ज़ देते हैं।
  2. ज्योतिरादित्य सिंधिया चाहते हैं कि लचीले गिरवी नियमों वाला क्षेत्र-विशेष ऋण जोखिम ढांचा बने।
  3. उनके मुताबिक पहले कॉन्क्लेव में तय करीब 73% लक्ष्य पूरे हो चुके हैं।

पूर्वोत्तर में बैंक जमा के रूप में जुटाए गए हर ₹100 में से सिर्फ ₹47 का कर्ज़ देते हैं। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को आइज़ोल में बैंकरों से यह बात कही और क्षेत्र की बचत को वहीं के विकास में लगाने को कहा।

मिज़ोरम विश्वविद्यालय में तीसरे नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए सिंधिया ने कहा कि ऋण-जमा अनुपात में विकास के लिए दिया गया कर्ज़ दिखना चाहिए, और उद्यमियों, किसानों, महिलाओं और छोटे कारोबारों तक कर्ज़ की पहुंच बढ़नी चाहिए। उन्होंने पूर्वोत्तर के लिए अलग ऋण जोखिम ढांचे की मांग की, जिसमें गिरवी के नियम लचीले हों, क्योंकि इस क्षेत्र में ज़मीन का बड़ा हिस्सा व्यक्तियों के बजाय समुदायों के पास है।

कार्यक्रम में मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, डोनर सचिव श्रीनिवास कटिकिथला, और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक समेत कई बैंकों, नाबार्ड और सिडबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

“हमें बैंकिंग और कर्ज़ को पूर्वोत्तर के सबसे दूर-दराज़ कोनों तक ले जाना होगा।”

ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय डोनर मंत्री, एक्स पर, 13 अक्टूबर 2026

सिंधिया ने बताया कि पहले कॉन्क्लेव में तय लक्ष्यों में से करीब 73% पांच साल में पूरे हो गए हैं। उनके मुताबिक 131 नई बैंक शाखाएं और 126 एटीएम खुले हैं, और अब क्षेत्र में 6,674 शाखाएं और 5,823 एटीएम हैं। बैंकिंग सेवाएं करीब 99.93% गांवों तक पहुंच गई हैं, और बैंक शाखा खोलने के लिए न्यूनतम आबादी की शर्त 3,000 से घटाकर 2,000 कर दी गई है।

अप्रैल से जून के बीच डोनर सचिव ने हर राज्य से अलग-अलग बात की, जिसके बाद राज्यों ने अपने ऋण लक्ष्य खुद तय किए। सिंधिया ने बैंकरों से वित्तीय समावेशन को आर्थिक अवसर में बदलने को कहा। उन्होंने बताया कि करीब 32 महीने के अपने कार्यकाल में यह उनकी 35वीं पूर्वोत्तर यात्रा है।

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