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पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के परिवारों से मिले अमित शाह, आप ने दागे सवाल
गृह मंत्री ने तीन जिलों का दशहरा दौरा गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के घर से शुरू किया, जबकि पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने पूछा कि पाकिस्तान सीमा से हेरोइन अब भी क्यों आ रही है।

मुख्य बातें
- अमित शाह ने बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की, जिनकी गुरदासपुर में नशा कारोबार के खिलाफ बोलने पर कथित तौर पर हत्या हुई।
- वे गुरदासपुर, मानसा और संगरूर में परिवारों से मिल रहे हैं; 1,200 से 1,300 पुलिसकर्मी तैनात हैं।
- आप मंत्री अमन अरोड़ा ने पूछा कि केंद्र पाकिस्तान से लगी 543 किमी सीमा सुरक्षित क्यों नहीं कर पा रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को गुरदासपुर के एक गांव में बिक्रमजीत सिंह के परिवार के साथ बैठे। यह पंजाब के उन घरों के दशहरा दौरे का पहला पड़ाव था, जहां लोगों की कथित तौर पर नशा तस्करों के खिलाफ बोलने पर हत्या हुई। उनके पहुंचने से पहले ही राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार ने उनके लिए तीखे सवाल तैयार रखे थे।
बिक्रमजीत सिंह की हत्या बटाला के श्री हरगोबिंदपुर थाना क्षेत्र के मरी पनवां गांव में हुई। उसी हमले में निशान सिंह और गुरमुख सिंह घायल हुए। शाह ने परिवार से कहा कि उनका दर्द शब्दों से परे है और नशे के खिलाफ बोलने वालों को चुप कराने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र तस्करों की पहचान कर उन्हें जेल भेजने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिन में उन्हें मानसा और संगरूर में दूसरे पीड़ित परिवारों से मिलना है। पुलिस महानिदेशक एमएफ फारूकी ने बताया कि करीब 1,200 से 1,300 जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने गुरदासपुर में कहा, “हमने बहुत व्यापक इंतजाम किए हैं। यहां सुरक्षा के पूरे उपाय हैं।”
एक राजनीतिक दौरा
यह दौरा मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के एक हफ्ते बाद हो रहा है। उस हत्या के बाद राज्यव्यापी बंद हुआ और आप सरकार दबाव में आई। शाह भगवंत मान सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं कि उसकी शह पर “चिट्टा”, यानी हेरोइन, के तस्कर फल-फूल रहे हैं।
भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने दौरे को त्योहार से जोड़ा। उन्होंने कहा, “जब रावण मारा जाएगा, तो राक्षस जैसा ‘चिट्टा’ भी मारा जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि झोटा के पिता “बार-बार कहते रहे कि अगर कोई इंसाफ कर सकता है तो वह सीबीआई है”।
आप के सवाल
पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार शाह का स्वागत करती है, फिर नशे का सवाल केंद्र की ओर मोड़ दिया, जिसके जिम्मे सीमा की सुरक्षा है।
उन्होंने पूछा, “केंद्र सरकार पंजाब की पाकिस्तान से लगी 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने में नाकाम क्यों है?” उन्होंने यह भी पूछा, “ऐसा क्यों है कि 3,000 किलो हेरोइन गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर उतरती है और पूरे देश में बंट जाती है?”
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में चिट्टा और गैंगस्टर संस्कृति 2007 से 2017 के बीच बढ़ी, जब राज्य में अकाली दल और भाजपा की सरकार थी। उन्होंने पूछा, “अगर गैंगस्टर और नशा कानून-व्यवस्था का मामला है, तो भाजपा-शासित राज्यों में क्या हाल है?”
उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि नशा अंतरराष्ट्रीय सीमा से नहीं आ रहा, और कहा कि शायद यह गुजरात से आ रहा हो। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग के मुताबिक राज्य झोटा हत्याकांड सीबीआई को सौंपेगा; मुख्यमंत्री मान ने दिन में पहले ही यह फैसला घोषित किया था।
अरोड़ा ने शाह से मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच का आदेश देने को भी कहा और दावा किया कि शूटर हरियाणा के थे।
आगे क्या
गृह मंत्री की मानसा और संगरूर की मुलाकातें मंगलवार को बाद में होनी हैं। किसी भी पक्ष ने यह नहीं बताया है कि केंद्र सीमा पर सख्त निगरानी की आप की मांग पर विचार करेगा या भाजपा नशे से जुड़ी दूसरी हत्याओं की जांच भी केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने का दबाव बनाएगी।