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फडणवीस का उद्धव पर तंज: अपनी ही शिवसेना में 'सत्ता परिवर्तन' नहीं रोक पाए

सत्ता परिवर्तन की बात का समर्थन करने वाले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख को जवाब देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सरकारें चुनाव से बदलती हैं, सड़कों पर नहीं।

संपादकीय डेस्क से · नागपुरप्रकाशित
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फ़ाइल फ़ोटो)
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Shrirampur / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

मुख्य बातें

  1. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपनी ही शिवसेना में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए।
  2. उन्होंने कहा कि फैसले संसद में और संविधान के अनुसार होंगे, सड़कों पर नहीं।
  3. उद्धव ने शनिवार को कहा था कि वोट और प्रदर्शन का अधिकार छीनने वाली सरकार को उखाड़ फेंकना चाहिए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को सत्ता परिवर्तन की बात का समर्थन करने पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर पलटवार किया और उनकी पार्टी में हुई टूट को लेकर तंज कसा।

फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से कहा, “उद्धव ठाकरे अपनी ही शिवसेना में सत्ता परिवर्तन नहीं रोक पाए।” उन्होंने कहा कि पार्टी के “हिंदुत्व छोड़ने” के बाद बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों पर चलने वालों ने असली शिवसेना बनाई।

ठाकरे ने शनिवार को मुंबई में कहा था कि जो सरकार लोगों से चुनाव और प्रदर्शन के जरिए अपनी बात कहने का अधिकार छीन ले, उसे उखाड़ फेंकना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान “सत्ता परिवर्तन” का जिक्र उठा है। दिल्ली में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा उन लोगों में हैं जिन्होंने इसका इस्तेमाल किया या इस पर बात की।

फडणवीस ने कहा, “भारत के संविधान के खिलाफ लड़ना बंद कीजिए। इस देश में फैसले संसद में और संविधान के अनुसार होंगे, सड़कों पर नहीं। लोकतंत्र में सरकारें चुनाव से तय होती हैं।”

उन्होंने कहा, “अगर आपको सत्ता परिवर्तन चाहिए, तो चुनाव लड़िए, लोगों का दिल जीतिए और चुनावी जीत हासिल कीजिए। आज नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में है, और वह फिर चुनी जाएगी।”

नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान से बाहर जाकर सरकार बदलने की चाह रखने वाले “अपने इरादों में कभी कामयाब नहीं होंगे”। उन्होंने ऐसी कोशिशों को नाकाम करने का श्रेय बाबासाहेब आंबेडकर के नेतृत्व में बने संविधान को दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी ऐसा ही आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की कोशिश की जा रही है।”