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हाईकोर्ट ने केंद्र का फैसला पलटा, भगवंत मान के पेरिस खाद्य मेले के दौरे को हरी झंडी

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से विदेश मंत्रालय के इनकार को रद्द कर दिया। केंद्र ने उनकी सुरक्षा को खतरे का हवाला दिया था।

संपादकीय डेस्क से · चंडीगढ़प्रकाशित
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ (फ़ाइल फ़ोटो)
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Harvinder Chandigarh / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने मंजूरी न मिलने के खिलाफ पंजाब सरकार की याचिका मंजूर कर ली।
  2. मान को 17 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले खाद्य व्यापार मेले सियाल पेरिस 2026 में प्रतिनिधिमंडल ले जाना था।
  3. केंद्र ने सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं और फ्रांस से औपचारिक न्योता न होने का हवाला दिया।

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से केंद्र के इनकार को रद्द कर दिया। इस तरह अदालत ने उस विवाद में राज्य सरकार का साथ दिया कि किसी मुख्यमंत्री के विदेश जाने का फैसला कौन करे।

न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने लंबी सुनवाई के बाद पंजाब सरकार की याचिका मंजूर कर ली। विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है।

मान को मुख्य सचिव और अपने प्रधान सचिव समेत एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सियाल पेरिस 2026 जाना था, जो 17 से 21 अक्टूबर तक पेरिस नॉर्ड विलपैंत में होने वाली अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी है। राज्य के सहकारी विपणन संघ मार्कफेड को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले एपीडा के इंडिया पवेलियन में स्टॉल मिला है, और पूरा खर्च मार्कफेड को ही उठाना था। कार्यक्रम में व्यापार संगठनों, निवेशकों और पंजाबी प्रवासियों से मुलाकात, और फ्रांस में भारत के राजदूत से भेंट शामिल थी।

पंजाब ने 9 सितंबर को मंजूरी के लिए आवेदन किया था, यानी 15 अक्टूबर की प्रस्तावित रवानगी से 36 दिन पहले। विदेश मंत्रालय ने राज्य के पत्रों का जवाब नहीं दिया और अपने ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन को “DENIED” (अस्वीकृत) दर्ज कर दिया।

अदालत में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि केंद्र के पास मुख्यमंत्री को खतरे की सूचनाएं हैं, और औपचारिक न्योते के बिना मेजबान देश उनकी सुरक्षा का इंतजाम नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि विदेश में मुख्यमंत्री के साथ कुछ हो।”

अतिरिक्त महाधिवक्ता चंचल सिंगला ने दलील दी कि इनकार बिना कारण बताए और बिना सुनवाई के किया गया, और केंद्र ने तालमेल के एक तंत्र को “राज्य के कार्यकारी कामकाज पर वीटो” में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा के भाजपा मुख्यमंत्री को विदेश जाने दिया गया था, और मान के जापान दौरे से ₹2,000 करोड़ का निवेश आया था।

राज्य सरकार ने अभी नहीं बताया है कि मान पेरिस के लिए कब रवाना होंगे।