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जगन का आरोप: निकाय चुनाव में नायडू ने वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका

पूर्व मुख्यमंत्री ने आंध्र प्रदेश के शहरी निकाय चुनाव में नामांकन की आखिरी तारीख पर पुलिवेंदुला में पुलिस फायरिंग, नामांकन पत्र छीनने और सांसदों को रोकने के आरोप लगाए।

संपादकीय डेस्क से · अमरावतीप्रकाशित
वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (फ़ाइल फ़ोटो)
वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी और मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Government of Odisha / Wikimedia Commons; Hemshah171095 / Wikimedia Commons, CC BY 4.0, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू शहरी निकाय चुनाव में लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं।
  2. उन्होंने नामांकन भरने आए उम्मीदवारों पर पुलिवेंदुला में हवाई फायरिंग और पथराव का आरोप लगाया।
  3. उन्होंने कहा कि एसआईआर में 46 लाख फर्जी मतदाता मिलने के बावजूद चुनाव बिना संशोधित मतदाता सूची पर हो रहे हैं।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर आंध्र प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों से विपक्ष को बाहर रखने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके उम्मीदवारों पर हमले हुए, फायरिंग हुई और उन्हें नामांकन भरने से रोका गया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, “नामांकन भरने आए उम्मीदवारों पर पुलिस फायरिंग अभूतपूर्व है।” उन्होंने कहा कि नायडू को “अब भी जनादेश पर भरोसा नहीं है और वह लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं”।

जगन के आरोप

जगन के मुताबिक कमलापुरम, रायचोटी, दर्शी, गुरजाला, दाचेपल्ली, पिडुगुराल्ला, बद्वेल और राजमपेट में वाईएसआरसीपी उम्मीदवारों को नामांकन के आखिरी दिन पर्चा भरने से रोका गया। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र छीने गए या स्वीकार नहीं किए गए, गाड़ियों और पार्टी समर्थकों पर हमले हुए, और उनके गृह क्षेत्र पुलिवेंदुला में पुलिस ने हवा में गोली चलाई, जहां पथराव भी हुआ।

उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी सांसदों को कडप्पा, पुंगनूर और तिरुपति में रोका गया। उनका आरोप है कि नामांकन केंद्रों पर उनके कार्यकर्ताओं को चार लोगों की सीमा में बांधा गया, जबकि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जमा थे। उन्होंने झूठे मुकदमों, अपहरण और आगजनी की भी बात कही।

जगन ने कहा, “उनका स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का कोई इरादा नहीं है, और जनता का जनादेश उनके फ्लॉप शो की पोल खोल देगा।”

मतदाता सूची और वार्ड

जगन ने चुनाव के बुनियादी नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वार्डों और डिवीजनों का परिसीमन सत्तारूढ़ गठबंधन के हिसाब से किया गया और आरक्षण घोषित होने के एक दिन बाद ही चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि “सरकार ने बिना संशोधित मतदाता सूची के साथ चुनाव कराने का फैसला किया है”, जबकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 46 लाख फर्जी मतदाता पाए गए थे।

उन्होंने कहा, “वक्त आएगा, गलती करने वाले सभी को इसके नतीजे भुगतने होंगे।”

रविवार दोपहर तक टीडीपी के नेतृत्व वाली सरकार, पुलिस या राज्य चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई जवाब सामने नहीं आया था।

मुकाबला

नामांकन हिंसा की खबरों के बीच शुरू हुए थे, और टीडीपी अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी कर रही है। शनिवार को जारी उसकी दूसरी सूची के 22 नामों में 18 महिलाएं हैं।