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सियांग बांध के विरोध में बंद के बाद पासीघाट में भाजपा अध्यक्ष और दो विधायकों के घरों में तोड़फोड़, खांडू ने बातचीत की पेशकश की

अरुणाचल के मुख्यमंत्री ने कहा कि सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोधियों के लिए सरकार के दरवाज़े खुले हैं। कांग्रेस के पवन खेड़ा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को सिर्फ दमन मिला है।

संपादकीय डेस्क से · ईटानगरप्रकाशित
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (फ़ाइल फ़ोटो)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: Divyansh0514 / Wikimedia Commons; Bhavikji / Wikimedia Commons, CC0, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. पासीघाट में एक थाने, एनएचपीसी दफ्तर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कलिंग मोयोंग तथा दो विधायकों के घरों में तोड़फोड़ हुई।
  2. यह हिंसा 23 अक्टूबर को सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के खिलाफ 12 घंटे के बंद के बाद हुई।
  3. पेमा खांडू ने कहा कि वे बांध के विरोधियों से उनकी पसंद की किसी भी जगह मिलेंगे।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को पासीघाट में रात भर चली तोड़फोड़ की निंदा की, जिसमें एक थाने, एक बिजली कंपनी के दफ्तर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व दो विधायकों के घरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने प्रस्तावित सियांग बांध के विरोधियों को बातचीत का न्योता भी दिया।

यह हिंसा शुक्रवार को सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग ज़िलों में 12 घंटे के बंद के बाद हुई। बंद सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) का विरोध कर रहे संगठनों ने बुलाया था, जो 11,000 मेगावाट से ज़्यादा की परियोजना है। खांडू ने कहा कि सियांग और अपर सियांग में, और दिन के समय पासीघाट में भी, बंद ज़्यादातर शांतिपूर्ण रहा।

गड़बड़ी बंद खत्म होने के बाद शुरू हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक घटनाएं “24 अक्टूबर तड़के करीब 3.30 बजे तक जारी रहीं।”

घरों में लूटपाट

खांडू ने कहा, “जिन संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, उनमें एक थाना, आदि बाने केबांग (एबीके) परिसर और एनएचपीसी का दफ्तर शामिल हैं।” उन्होंने जोड़ा, “स्थानीय विधायक ओनी पन्यांग और वरिष्ठ विधायक निनोंग एरिंग के घरों में भी तोड़फोड़ हुई, और लूटपाट व चोरी की खबरें हैं।”

उन्होंने कहा, “प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कलिंग मोयोंग के घर में भी इसी तरह लूटपाट और तोड़फोड़ की गई।” रविवार तड़के तक हिंसा के सिलसिले में किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं थी।

‘दरवाज़े हमेशा खुले हैं’

खांडू ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और बांध पर कोई भी फैसला जनता की सहमति से ही होगा। उन्होंने कहा, “सरकार के दरवाज़े हमेशा खुले हैं। जो भी संगठन या संस्था एसयूएमपी परियोजना पर बात करना चाहती है, उसका स्वागत है।”

उन्होंने सियांग के प्रतिनिधियों से ईटानगर, पासीघाट या किसी भी सुविधाजनक जगह पर मिलने की पेशकश की, और कहा कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उनकी सुझाई किसी भी जगह का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा, “लोग सरकार से सवाल करें, परियोजना के संभावित फायदों और नुकसानों पर चर्चा करें और अपनी चिंताओं पर स्पष्टीकरण मांगें।”

उन्होंने आदि बाने केबांग की युवा शाखा और एक युवा संगठन को बातचीत के लिए बुलाया, और कहा कि वे यह महीना सियांग क्षेत्र को देंगे और प्री-फिज़िबिलिटी रिपोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने तक वहां जाते रहेंगे।

कांग्रेस के निशाने पर रिजिजू

दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ी गई। उन्होंने एक्स पर लिखा, “दिल्ली से अरुणाचल तक जवाब एक ही रहा है: दमन।”

आदि समुदाय को एक धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यक बताते हुए खेड़ा ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से पूछा कि वे उनके अधिकारों की रक्षा के लिए क्या कर रहे हैं। रविवार तड़के तक रिजिजू या केंद्र सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया था।