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राजस्थान मंत्रिपरिषद ने सरकार के मुखिया के रूप में मोदी के 25 साल पर बधाई प्रस्ताव पारित किया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंत्रिपरिषद भी केंद्रीय मंत्रिमंडल और भाजपा शासित दूसरे राज्यों की तरह इस मौके पर आगे आई और पानी, बिजली और निवेश में प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया।

संपादकीय डेस्क से · जयपुरप्रकाशित
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)WriterRajeshPandey / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. राजस्थान की मंत्रिपरिषद ने प्रस्ताव पारित करने के लिए बुधवार शाम विशेष बैठक की।
  2. प्रस्ताव में नरेंद्र मोदी को देश में सबसे लंबे समय तक सरकार का मुखिया बताया गया।
  3. मोदी के 7 अक्टूबर को 25 साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया था।

राजस्थान की मंत्रिपरिषद ने बुधवार शाम एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे करने पर बधाई दी। पिछले एक हफ्ते में यह मौका मनाने वाले भाजपा शासित राज्यों में अब राजस्थान भी शामिल हो गया है।

प्रस्ताव जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में पारित हुआ। इसमें मोदी को “देश में सबसे लंबे समय तक सरकार का मुखिया” बताया गया है। इस गिनती में 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके साल और प्रधानमंत्री के रूप में उनके तीन कार्यकाल शामिल हैं।

मंत्रियों ने “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की कार्य संस्कृति और “विकसित भारत के विजन के तहत” 2047 तक विकसित देश के लक्ष्य की सराहना की। प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर और भारत में जी20 और ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों की मेजबानी को ऐसे मौके बताया गया जिनसे देश की प्रतिष्ठा बढ़ी। इसमें करीब 7% विकास दर के आईएमएफ के आकलन का भी जिक्र है।

राज्य के स्तर पर, प्रस्ताव में राजस्थान के जल संकट, बिजली में आत्मनिर्भरता, खासकर अक्षय ऊर्जा, और नए औद्योगिक निवेश व पर्यटन में प्रगति का श्रेय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन को दिया गया।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 अक्टूबर को, जिस दिन मोदी के 25 साल पूरे हुए, अपना प्रस्ताव पारित किया था। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तब कहा था कि मोदी ने “ऐसा इतिहास रचा है जो किसी भी लोकतांत्रिक देश में अनूठा है”। इसके बाद आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के मंत्रिमंडल भी ऐसा कर चुके हैं।