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आरएसएस ने जगदीप धनखड़ को विजयादशमी समारोह में बुलाया; कांग्रेस बोली, 'इकोसिस्टम आपस में ही लड़ रहा है'
जुलाई 2025 में इस्तीफा देने वाले पूर्व उपराष्ट्रपति 20 अक्टूबर को नागपुर में मोहन भागवत के संबोधन के अतिथियों में हैं। यह संघ के शताब्दी वर्ष का समापन समारोह है।

मुख्य बातें
- पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ नागपुर में आरएसएस के विजयादशमी समारोह के आमंत्रित अतिथियों में हैं।
- 20 अक्टूबर का यह समारोह आरएसएस के शताब्दी वर्ष का समापन है।
- जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने 2025 में धनखड़ से इस्तीफा दिलवाया था।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को नागपुर में अपने वार्षिक विजयादशमी समारोह में आमंत्रित किया है, और कांग्रेस ने तुरंत इसे संघ परिवार के भीतर खिंचाव का संकेत बताया।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 20 अक्टूबर को इस समारोह को संबोधित करेंगे। इस साल का कार्यक्रम संगठन के साल भर चले शताब्दी समारोहों का समापन है। बताया गया है कि धनखड़ अतिथि सूची में शामिल कई गणमान्य लोगों में से एक हैं। जागरण समूह के संपादक संजय गुप्ता को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है।
धनखड़ ने जुलाई 2025 में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति पद से इस्तीफा दिया था और तब से वे सार्वजनिक जीवन में कम ही दिखे हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह बात नहीं मानी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने 21 जुलाई 2025 को धनखड़ से इस्तीफा दिलवाया था, और पूर्व उपराष्ट्रपति को “किसानों की मांगों की मोदी सरकार द्वारा लगातार अनदेखी का कड़ा आलोचक” बताया। उन्होंने कहा कि अब आरएसएस ने उन्हें 20 अक्टूबर को नागपुर में अपने वार्षिक विजयादशमी समारोह में बुलाया है।
रमेश ने कहा, “साफ है कि इकोसिस्टम बिखरते हुए आपस में ही लड़ रहा है।” कांग्रेस इस न्योते के सहारे यह दलील दे रही है कि सरकार और व्यापक संघ परिवार के बीच सब ठीक नहीं है। यह ऐसे समय हो रहा है जब विपक्ष मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भाजपा पर पहले से जोरदार हमला कर रहा है।
धनखड़ ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है कि वे समारोह में जाएंगे या नहीं।