एआई से वंचित समुदायों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा: आईटी सचिव एस कृष्णन
वाराणसी में एसटीपीआई और आईआईटी बीएचयू के टेक कॉन्क्लेव में आईटी मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने बीमारी की जांच, डायग्नोस्टिक्स और रिमोट आईसीयू निगरानी को एआई के अहम इस्तेमाल बताया।

मुख्य बातें
- आईटी सचिव एस कृष्णन ने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवा को ज्यादा सुलभ और सस्ता बना सकता है।
- उन्होंने बीमारी की जांच, डायग्नोस्टिक्स और रिमोट आईसीयू निगरानी को प्रमुख उपयोग बताया।
- एसटीपीआई प्रमुख अरविंद कुमार ने बड़े टेक शहरों से आगे स्टार्टअप केंद्र बनाने की बात कही।
आईटी मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने वाराणसी में एक टेक कॉन्क्लेव में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की कुछ कमियों को दूर करने में मदद कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों से दूर हैं।
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के सचिव एस कृष्णन ने “एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज” विषय पर हुए टेक कॉन्क्लेव में मुख्य भाषण दिया। इसका आयोजन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) ने आईआईटी बीएचयू के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के साथ मिलकर किया। इसमें नीति निर्माता, शिक्षाविद, डॉक्टर और स्टार्टअप संस्थापक शामिल हुए।
कृष्णन ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्वास्थ्य सेवा को ज्यादा सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है, खासकर उन समुदायों के लिए जिनकी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है।”
उन्होंने कहा कि एआई से इलाज की पहुंच, उसका खर्च और गुणवत्ता, तीनों बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने बीमारी की जांच, मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, आईसीयू मरीजों की दूर से निगरानी और एआई की मदद से सर्जरी की योजना जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया जहां यह मददगार हो सकता है। उन्होंने अलग-अलग विषयों में एआई की पढ़ाई पर जोर दिया और आईआईटी बीएचयू, एसटीपीआई, उद्योग और स्टार्टअप के बीच करीबी सहयोग की अपील की। उन्होंने इंडियाएआई मिशन के तहत युवा कंपनियों को मिलने वाली मदद का भी उल्लेख किया।
एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि भारत के स्टार्टअप तंत्र ने युवा नवोन्मेषकों को रोजगार देने वाला बनाया है। उन्होंने ट्रांसलेशनल रिसर्च, बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसटीपीआई के 27 सेंटर्स ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का नेटवर्क बड़े टेक केंद्रों से आगे भी स्टार्टअप समूह खड़े करने में मदद करे।
ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब मेइटी एआई के नियमन पर अपना पहला परामर्श पत्र तैयार कर रहा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 8 अक्टूबर को कहा था कि यह एक महीने के भीतर जारी होगा और इसमें सुरक्षा और डीपफेक से होने वाले नुकसान पर जोर रहेगा।