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माइक्रोसॉफ़्ट ने पेश की माया 300 चिप, एआई सेवाओं के लिए एनवीडिया पर निर्भरता घटाने की तैयारी

कंपनी के मुताबिक़ तीसरी पीढ़ी की यह इन-हाउस चिप 2027 से कोपायलट और माइक्रोसॉफ़्ट के दूसरे एआई उत्पादों का मुख्य इंजन बनेगी।

संपादकीय डेस्क से · Redmondप्रकाशित
माइक्रोसॉफ़्ट के सीईओ सत्य नडेला (फ़ाइल फ़ोटो)
माइक्रोसॉफ़्ट के सीईओ सत्य नडेला (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Briansmale / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. माइक्रोसॉफ़्ट का दावा है कि माया 300 जीपीयू सिस्टम से प्रति मेगावाट 40% ज़्यादा टोकन प्रोसेस करती है।
  2. 2027 से यह माइक्रोसॉफ़्ट उत्पादों के लिए मुख्य इनफ़रेंस चिप होगी।
  3. बड़े एआई मॉडल ट्रेन करने के लिए एनवीडिया और एएमडी की चिप ही इस्तेमाल होंगी।

माइक्रोसॉफ़्ट ने अपनी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस चिप की तीसरी पीढ़ी, माया 300, पेश की है। कंपनी का कहना है कि अगले साल से यही उसके उत्पादों में एआई फ़ीचर चलाने वाला मुख्य सिस्टम होगी। इससे कंपनी की एनवीडिया से प्रोसेसर ख़रीदने पर निर्भरता कम होगी।

माइक्रोसॉफ़्ट में क्लाउड और एआई के एग्ज़ीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट स्कॉट गुथरी ने सोमवार को एक ब्लॉग पोस्ट में यह चिप पेश की। उन्होंने लिखा, “सुपर इंटेलिजेंस के दौर में प्रवेश करते हुए माइक्रोसॉफ़्ट इन्फ़्रास्ट्रक्चर के एक नए चरण में दाख़िल हो रहा है।” उन्होंने कहा, “हम 2027 से अपने एज़्योर माया परिवार को मल्टी-गीगावाट स्तर तक ले जाएँगे, और माया को माइक्रोसॉफ़्ट उत्पादों और सेवाओं का प्राथमिक इनफ़रेंस सिस्टम बनाएँगे।”

चिप क्या करती है

इनफ़रेंस वह काम है जो कोई एआई मॉडल हर बार इस्तेमाल होने पर करता है, जैसे कोपायलट में किसी सवाल का जवाब देना। माइक्रोसॉफ़्ट के मुताबिक़ माया 300 इसी काम के लिए बनी है। गुथरी ने इसे “इनफ़रेंस-फ़र्स्ट आर्किटेक्चर” वाली चिप बताया, जो लंबे कॉन्टेक्स्ट, ज़्यादा मेमोरी और डिकोड-भारी एआई कामों के लिए बनाई गई है।

कंपनी का दावा है कि यह चिप अग्रणी जीपीयू-आधारित सिस्टम की तुलना में प्रति मेगावाट बिजली पर 40% ज़्यादा एआई टोकन प्रोसेस करती है, हालाँकि उसने एनवीडिया का नाम नहीं लिया। कंपनी के मुताबिक़ 96 माया 300 चिप वाला एक रैक, जनवरी में आई माया 200 पर बने रैक से सात गुना तक ज़्यादा टोकन संभाल सकता है। हर रैक में पहले के मुक़ाबले दोगुने एक्सेलरेटर भी हैं।

चिप के कंप्यूट हिस्से टीएसएमसी की N2P प्रक्रिया पर बने हैं और इनके साथ HBM4 मेमोरी के आठ स्टैक जुड़े हैं। माइक्रोसॉफ़्ट ने सिलिकॉन, रैक, नेटवर्किंग और डेटा सेंटर को एक ही सिस्टम के रूप में साथ-साथ डिज़ाइन किया है।

बिजली क्यों अहम

माइक्रोसॉफ़्ट इन फ़ायदों को रफ़्तार जितना ही बिजली के नज़रिए से भी देखता है। माइक्रोसॉफ़्ट के जनरल मैनेजर एलिस्टेयर स्पीयर्स ने कहा, “हमें ऐसे नए आर्किटेक्चर चाहिए जो बेहतर प्रदर्शन दें और हमारे पास मौजूद बिजली का बेहतर इस्तेमाल करें।” उन्होंने कहा, “डेटा सेंटर जैसी चीज़ में बिजली सीधे-सीधे परिचालन लागत में बदल जाती है।”

माया 200 पहले से असली काम चला रही है, जिसमें माइक्रोसॉफ़्ट 365 कोपायलट और एज़्योर पर ओपनएआई के मॉडल शामिल हैं। माइक्रोसॉफ़्ट के सीईओ सत्य नडेला ने जुलाई में विश्लेषकों से कहा था कि इसने “हमारे बेड़े के नवीनतम हार्डवेयर से प्रति डॉलर 30% बेहतर प्रदर्शन” दिया है।

एनवीडिया अब भी अहम

बड़े मॉडलों की ट्रेनिंग के लिए माइक्रोसॉफ़्ट एनवीडिया और एएमडी के प्रोसेसर इस्तेमाल करता रहेगा। गूगल और एमेज़ॉन की कस्टम चिप के उलट, माया को अभी बाहरी ग्राहक एज़्योर के ज़रिए किराए पर नहीं ले सकते।

प्रदर्शन के सारे आँकड़े अभी माइक्रोसॉफ़्ट के अपने हैं। रिसर्च फ़र्म मूर इनसाइट्स एंड स्ट्रैटेजी के सीईओ पैट्रिक मूरहेड ने कहा, “माइक्रोसॉफ़्ट के बाहर अभी तक किसी ने इनका परीक्षण नहीं किया है।”