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हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी है, सिर्फ प्रशिक्षित डॉक्टर करें: चिकित्सा नियामक
कोच्चि में एक हेयर ट्रांसप्लांट के बाद गंभीर संक्रमण का मामला सामने आने पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के आचार बोर्ड ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।

मुख्य बातें
- एनएमसी के मुताबिक हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ प्रशिक्षित और लाइसेंसधारी डॉक्टर ही कर सकते हैं।
- ऊतक निकालने के लिए चीरा लगाने वाली हर प्रक्रिया दिशानिर्देशों में सर्जरी मानी गई है।
- क्लीनिकों के पास जटिलताएं संभालने का ढांचा होना जरूरी है।
भारत के चिकित्सा नियामक राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने ऐसे दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनमें हेयर ट्रांसप्लांट को सर्जरी माना गया है, जिसे सिर्फ योग्य डॉक्टर ही कर सकते हैं। ये दिशानिर्देश आयोग के आचार एवं चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड ने बनाए हैं।
ये दिशानिर्देश केरल के कोच्चि में एक हेयर ट्रांसप्लांट के बाद गंभीर संक्रमण का मामला सामने आने के बाद आए हैं।
दिशानिर्देशों के मुताबिक हेयर ट्रांसप्लांट “एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके लिए विशेष चिकित्सा प्रशिक्षण चाहिए”, और इसे कॉस्मेटिक सेवा की तरह नहीं, बल्कि “उचित प्रशिक्षण और लाइसेंस वाले डॉक्टरों द्वारा ही किया जाना चाहिए।” इसे करने वाले क्लीनिकों के पास जटिलताओं से निपटने के लिए पर्याप्त ढांचा और इंतजाम होने चाहिए।
दिशानिर्देश यह भी साफ करते हैं कि सर्जरी किसे माना जाएगा। ऊतक निकालने के लिए, या सिर या शरीर के किसी हिस्से को उसे लगाने के लिए तैयार करने के लिए चीरा लगाने वाली हर प्रक्रिया इसी श्रेणी में आती है।