दवा खोज के कारोबार में पैठ बढ़ाने के लिए ओपनएआई ने ऑर्केस्ट्रा बायो को खरीदा
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी इस बायोटेक सॉफ्टवेयर स्टार्ट-अप को लाइफ साइंसेज रिसर्च वाले अपने एआई मॉडल रोज़लिंड में मिलाएगी। मॉडर्ना और नोवो नॉर्डिस्क पहले से रोज़लिंड के ग्राहक हैं।

मुख्य बातें
- ओपनएआई ने बायोटेक कंपनियों के लिए एआई एजेंट बनाने वाली ऑर्केस्ट्रा बायो का अधिग्रहण किया है।
- ऑर्केस्ट्रा की टीम और तकनीक ओपनएआई के लाइफ साइंसेज मॉडल रोज़लिंड का हिस्सा बनेंगी।
- ऑर्केस्ट्रा ने एंड्रीसेन होरोविट्ज़ समेत निवेशकों से करीब 2 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
ओपनएआई ने बायोटेक कंपनियों के लिए एआई एजेंट बनाने वाले छोटे स्टार्ट-अप ऑर्केस्ट्रा बायो को खरीद लिया है। चैटजीपीटी बनाने वाली यह कंपनी नई दवाएं खोजने के कारोबार में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है।
ओपनएआई ने रात में अपनी वेबसाइट पर इस सौदे की घोषणा की। सौदे की रकम नहीं बताई गई।
करीब चार साल पहले शुरू हुई ऑर्केस्ट्रा ऐसे सॉफ्टवेयर एजेंट बनाती है जो दवा खोज के रोज़मर्रा के कामकाज संभालते हैं, जैसे रिसर्च बजट का हिसाब रखना या क्लिनिकल ट्रायल के शेड्यूल में टकराव सुलझाना। बताया जाता है कि 2025 तक कंपनी ने एंड्रीसेन होरोविट्ज़, एट्रिया और 8VC जैसे निवेशकों से करीब 2 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
ऑर्केस्ट्रा की भूमिका क्या होगी
ओपनएआई ने कहा कि ऑर्केस्ट्रा की टीम और तकनीक को लाइफ साइंसेज रिसर्च के लिए बने उसके एआई मॉडल रोज़लिंड और रोज़लिंड वर्कबेंच में मिलाया जाएगा। वर्कबेंच वैज्ञानिकों को प्रयोगों की योजना बनाने और नतीजों को समझने में मदद करने वाला टूल है। कंपनी के मुताबिक वैक्सीन निर्माता मॉडर्ना और वज़न घटाने की दवाओं के लिए मशहूर डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क पहले से रोज़लिंड के ग्राहक हैं।
यह सौदा इस बात का ताज़ा संकेत है कि बड़ी एआई कंपनियां सामान्य चैटबॉट से आगे बढ़कर खास उद्योगों के लिए सॉफ्टवेयर बना रही हैं, और इस सूची में दवा उद्योग सबसे ऊपर है। ओपनएआई और उसकी प्रतिद्वंद्वी एंथ्रोपिक, दोनों ऐसे क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के लिए टूल बना रही हैं।
इस बदलाव से कई छोटे स्टार्ट-अप चिंतित हैं। उन्हें डर है कि बड़ी एआई कंपनियां किसी भी समय मिलता-जुलता फीचर लॉन्च करके उनका कारोबार खत्म कर सकती हैं। ऑर्केस्ट्रा के मामले में नतीजा अलग रहा: बाज़ार से बाहर होने के बजाय वह उसी कंपनी का हिस्सा बन गई जिससे उसे शायद मुकाबला करना पड़ता।