रेप्लिट ने एंथ्रॉपिक से नाता तोड़ा, सीईओ अमजद मसद का दावा
एआई कोडिंग प्लेटफ़ॉर्म के प्रमुख ने सैन फ़्रांसिस्को में कहा कि लागत और प्रदर्शन की वजह से यह फ़ैसला हुआ, लेकिन साझेदारी से जुड़े लोगों का कहना है कि करार अब भी कायम है।
मुख्य बातें
- अमजद मसद ने कहा कि रेप्लिट अब एंथ्रॉपिक के साथ काम नहीं कर रहा, वजह लागत, साझेदारी और प्रदर्शन है।
- करार से वाकिफ़ लोगों ने कहा कि साझेदारी अब भी कायम है, और कुछ हफ़्ते पहले तक रेप्लिट क्लॉड मॉडलों का प्रचार कर रहा था।
- मसद के मुताबिक रेप्लिट की 15% आमदनी अब एंटरप्राइज़ करारों से आती है, पिछले साल यह करीब 2% थी।
स्टार्टअप संस्थापकों में लोकप्रिय एआई कोडिंग प्लेटफ़ॉर्म रेप्लिट ने एंथ्रॉपिक के साथ काम करना बंद कर दिया है। यह दावा कंपनी के मुख्य कार्यकारी अमजद मसद ने किया है, जिसे साझेदारी से जुड़े लोग गलत बताते हैं।
मसद ने यह बात सैन फ़्रांसिस्को में टेकक्रंच डिसरप्ट के मंच पर कही। उन्होंने कहा कि फ़ैसले के पीछे कई वजहें थीं, जिनमें लागत भी शामिल है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि अब चैटजीपीटी बेहतर है।”
रेप्लिट ने अगस्त में ओपनएआई के साथ साझेदारी का एलान किया था। अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं था कि उसने एंथ्रॉपिक से नाता तोड़ लिया है। एंथ्रॉपिक के क्लॉड मॉडल ही उसके प्लेटफ़ॉर्म के बड़े हिस्से को चलाते रहे हैं और इनसे उसकी आमदनी तेज़ी से बढ़ी।
मसद ने क्या कहा
मसद ने बताया कि रेप्लिट मॉडलों को एक आंतरिक बेंचमार्क पर परखता है और एक सार्वजनिक बेंचमार्क भी प्रकाशित करता है। उन्होंने कहा, “लगातार देखा गया है कि शुरू से वाइब-कोडेड ऐप्लिकेशन बनाने में सोल और एस्ट्रा बेहतर प्रदर्शन करते हैं। यह फ़ैसला लागत, साझेदारी और प्रदर्शन, तीनों के आधार पर हुआ। इन सब वजहों से हमें लगा कि फ़िलहाल वे बेहतर साझेदार हैं।”
उन्होंने आमदनी के आंकड़े नहीं बताए, लेकिन कहा कि कारोबार कंपनियों की ओर खिसक रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले साल एंटरप्राइज़ हमारी आमदनी का करीब 2% था। इस साल, मैं कहूंगा कि करीब 15% आमदनी एंटरप्राइज़ करारों से है और 50% से ज़्यादा आमदनी बी2बी से।”
टूटे रिश्ते पर सवाल
इस व्यवस्था से वाकिफ़ लोगों ने मसद की बात खारिज की। इनमें से एक ने कहा कि एंथ्रॉपिक के साथ साझेदारी अब भी कायम है।
रेप्लिट की अपनी सामग्री भी यही इशारा करती है। सितंबर के आख़िर में रेप्लिट के एक ब्लॉग पोस्ट में एंथ्रॉपिक के क्लॉड फ़ेबल 5 और क्लॉड फ़ेबल 5.1 को उसके ऐप बनाने वाले सहायक रेप्लिट एजेंट के प्रोडक्शन माहौल में चल रहे मॉडलों में गिनाया गया था। लगभग उसी समय रेप्लिट के एक प्रोडक्ट कर्मचारी ने एक्स पर एंथ्रॉपिक के सबसे बड़े मॉडल ओपस 5.5 का प्रचार किया था। शनिवार तक न रेप्लिट और न ही एंथ्रॉपिक ने इस पर आगे कुछ कहा था।
यह मामला दिखाता है कि कुछ बड़ी एआई प्रयोगशालाओं से “दिमाग” किराये पर लेने वाले कोडिंग टूल का बाज़ार कितना अस्थिर हो गया है। रेप्लिट जैसे प्लेटफ़ॉर्म कीमतों और बेंचमार्क नतीजों के हिसाब से सप्लायर बदल सकते हैं, या उन्हें एक-दूसरे के ख़िलाफ़ इस्तेमाल कर सकते हैं।
एजेंटों को चाहिए “ठिकाना”
मसद ने यह भी बताया कि रेप्लिट ख़ुद कैसे चलता है। उन्होंने इसे “सेल्फ़-ड्राइविंग कंपनी” कहा, जहां सपोर्ट टिकट छांटने और सुधार का मसौदा तैयार करने जैसा पहला काम एआई एजेंट करते हैं और फ़ैसला इंसान लेते हैं। उन्होंने कहा, “आपको इंसानी समझ चाहिए, आपको परख चाहिए।”
उनका कहना था कि एजेंटों का सुरक्षित इस्तेमाल सही माहौल में ही हो सकता है। उन्होंने कहा, “एजेंटों को रहने और अच्छा काम करने के लिए एक ठिकाना चाहिए।” उन्होंने इसमें ऑर्केस्ट्रेशन, गलतियों से उबरने की क्षमता, सैंडबॉक्सिंग, नेटवर्किंग और पहचान नियंत्रण गिनाए। “और जब आप यह सब सुलझा लेते हैं, तब आप एआई को सुरक्षित ढंग से लगा सकते हैं।”