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हैदराबाद डेवफेस्ट में तेलंगाना ने दिखाया आईटी मंत्री श्रीधर बाबू का एआई अवतार

डिजिटल 'एआई मंत्री' ने युवा डेवलपरों के सवालों के जवाब अंग्रेजी और तेलुगु में दिए। राज्य का कहना है कि अगले चरण में नागरिक इसके जरिए सुझाव और शिकायतें भेज सकेंगे।

संपादकीय डेस्क से · हैदराबादप्रकाशित
तेलंगाना सचिवालय, हैदराबाद (फ़ाइल फ़ोटो)
तेलंगाना सचिवालय, हैदराबाद (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Yakshitha / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. तेलंगाना ने जीडीजी हैदराबाद के डेवफेस्ट 2026 में मंच पर आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू का एआई अवतार पेश किया।
  2. 3,300 से ज्यादा डेवलपरों वाले इस आयोजन में अवतार ने अंग्रेजी और तेलुगु में सवालों के जवाब दिए।
  3. अगले चरण में नागरिक इसे सुझाव और शिकायतें भेज सकेंगे।

तेलंगाना ने अपने आईटी मंत्री का डिजिटल रूप मंच पर उतार दिया है। गूगल डेवलपर ग्रुप (जीडीजी) हैदराबाद के डेवफेस्ट 2026 के समापन पर राज्य ने “एआई मंत्री” पेश किया। यह आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री डी. श्रीधर बाबू का अवतार है, जिसने राज्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं पर युवाओं के सवालों के जवाब अंग्रेजी और तेलुगु में दिए।

आयोजकों के मुताबिक, यह अवतार पहली बार लाइव मंच पर आया और उन्होंने इसे “प्री-एजीआई” बताया। इसे मंत्री के आईटी सलाहकार साई कृष्ण की देखरेख में टेंसरगो के ह्यूमएआईएन प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। पहला चरण सिर्फ सार्वजनिक लॉन्च था। अगले चरण में राज्य चाहता है कि नागरिक अवतार से बात कर सकें, सुझाव और शिकायतें भेज सकें और मंत्री को जमीनी समस्याओं की बेहतर तस्वीर मिले।

“बिल्ड, सिक्योर, स्केल: डेवलपर्स एंड बिल्डर्स इन द एजेंटिक एरा” थीम वाले इस आयोजन में 3,300 से ज्यादा डेवलपर, छात्र, इंजीनियर और स्टार्टअप संस्थापक पहुंचे।

श्रीधर बाबू खुद वीडियो के जरिए “इनोवेशन एट स्केल” शीर्षक वाले मुख्य भाषण में जुड़े। उन्होंने कहा, “तेलंगाना वैश्विक एआई हब बनने की दिशा में काम कर रहा है और हम चाहते हैं कि इस सफर के केंद्र में हमारे युवा इनोवेटर हों।”

राज्य के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग में संयुक्त सचिव अनुदीप दुरीशेट्टी ने कहा कि सरकार चाहती है कि एआई पायलट परियोजनाओं से आगे बढ़े। उन्होंने प्रस्तावित एआई सिटी, एआईकेएएम पहल, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और क्वांटम डिस्ट्रिक्ट को 2034 तक 1 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य के लक्ष्य का हिस्सा बताया।

टेंसरगो सॉफ्टवेयर के संस्थापक श्रीनि चिलुकुरी ने कहा कि काम अब ऐसे एआई साथियों की ओर बढ़ रहा है जो लोगों के साथ देख, सुन, समझ और काम कर सकें। 13 साल से चल रहे जीडीजी हैदराबाद समुदाय में 23,000 से ज्यादा डेवलपर हैं।