खेलरग्बी लीग
पर्थ में इंग्लैंड ने फ्रांस को 82-0 से रौंदा, रग्बी लीग वर्ल्ड कप की उम्मीदें जिंदा
हर्बी फार्नवर्थ और डोमिनिक यंग की हैट्रिक समेत 14 ट्राई से इंग्लैंड ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। फिर भी उसकी किस्मत टोंगा की सामोआ पर जीत पर टिकी है।

मुख्य बातें
- इंग्लैंड ने 14 ट्राई के साथ फ्रांस को 82-0 से हराया, यह उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत का अंतर है।
- हर्बी फार्नवर्थ और डोमिनिक यंग ने तीन-तीन ट्राई कीं।
- सेमीफाइनल के लिए इंग्लैंड को टोंगा की सामोआ पर जीत और पापुआ न्यू गिनी पर बड़ी जीत चाहिए।
इंग्लैंड ने शनिवार को पर्थ में 14 ट्राई के साथ फ्रांस को 82-0 से हराकर रग्बी लीग वर्ल्ड कप में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। यह इंग्लैंड के इतिहास में जीत का सबसे बड़ा अंतर है।
हर्बी फार्नवर्थ ने पहले हाफ में हैट्रिक लगाई, जब ब्रेक तक इंग्लैंड छह कन्वर्टेड ट्राई कर चुका था, और डोमिनिक यंग ने भी तीन ट्राई कीं। टूर्नामेंट में पहले सामोआ से बुरी तरह हार चुका फ्रांस एक भी अंक नहीं बना सका।
टोंगा से पहले मैच में 30-12 की हार के बाद इंग्लैंड को ठीक ऐसी ही जीत चाहिए थी। सामोआ पापुआ न्यू गिनी को 64-6 और फ्रांस को 78-4 से हरा चुका है, इसलिए ब्रायन मैकडरमॉट की टीम को जीत के साथ अंकों का अंतर भी बढ़ाना था। इन दो मैचों के बाद सामोआ का पॉइंट्स अंतर प्लस 132 है।
मैकडरमॉट ने कहा, “आज हमने जो किया है वह बहुत बड़ा है, हालात को देखते हुए मुझे लगता है यह सचमुच बहुत बड़ा है। हमें पता था कि बड़ी जीत चाहिए और हमने बिना भटके यह कर दिखाया।”
फ्रांस के कप्तान बेंजामिन गार्सिया ने नतीजे को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल भी काफी नहीं है। हमें बस मेहनत करते रहना है और वापसी करनी है।” फ्रांस सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुका है।
इंग्लैंड को क्या चाहिए
इंग्लैंड का आखिरी ग्रुप मैच वोलोंगोंग में पापुआ न्यू गिनी से है, और यह करो या मरो का मुकाबला है। वहां बड़ी जीत भी तब तक काफी नहीं होगी जब तक सिडनी में टोंगा सामोआ को न हरा दे। अगर सामोआ जीता, तो इंग्लैंड बाहर हो जाएगा।