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एशियाई पैरा खेलों के लिए भारत के 168 खिलाड़ी, हांगझोउ के दल का लगभग आधा

आइची-नागोया में प्रमोद भगत और भाविना पटेल तिरंगा थामेंगे। सीमित कोटा और देर से हुए चयन के कारण भारत इस बार 11 खेलों में ही उतरेगा।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत (फ़ाइल फ़ोटो)
पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Government of Odisha / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

मुख्य बातें

  1. 18 अक्टूबर से जापान में होने वाले एशियाई पैरा खेलों में भारत 168 खिलाड़ी भेजेगा, जिनमें 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं।
  2. सबसे बड़ा दल पैरा-एथलेटिक्स का है, जिसमें 62 खिलाड़ी हैं; हांगझोउ में यह संख्या 123 थी।
  3. खेल मंत्रालय ने व्हीलचेयर बास्केटबॉल और गोलबॉल समेत सात खेलों में टीम न भेजने का फ़ैसला किया है।

जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के लिए भारत 168 खिलाड़ी भेजेगा। यह दल तीन साल पहले हांगझोउ गए दल के आधे से कुछ ही बड़ा है।

मंगलवार को घोषित इस दल में 11 खेलों के 112 पुरुष और 56 महिला खिलाड़ी हैं। उनके साथ 98 टीम अधिकारी और 15 दल स्टाफ़ रहेंगे। खेलों का यह पांचवां संस्करण 18 से 24 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 45 देश 18 खेलों की 492 स्पर्धाओं में पदक के लिए उतरेंगे।

टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल उद्घाटन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे।

जाने-पहचाने नाम आगे

दल भारत के सबसे चर्चित पैरा खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द बना है। टोक्यो में ही स्वर्ण जीतने वाली अवनि लेखरा 13 सदस्यों वाली पैरा-शूटिंग टीम में हैं। तीरंदाज़ शीतल देवी 11 सदस्यों वाले पैरा-तीरंदाज़ी दल का हिस्सा हैं, और भगत 28 सदस्यों वाली बैडमिंटन टीम में हैं, जो दल का दूसरा सबसे बड़ा समूह है।

पैरा-एथलेटिक्स 62 खिलाड़ियों के साथ टीम की रीढ़ बना हुआ है। इसके बाद बैडमिंटन में 28 और तैराकी में 16 खिलाड़ी हैं। शूटिंग, तीरंदाज़ी और टेबल टेनिस में 10 से 13 खिलाड़ी हैं, और भारत दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के खेल फ़ुटबॉल 5-ए-साइड में भी दस सदस्यों की पूरी टीम उतारेगा।

सूची के दूसरे छोर पर आठ पावरलिफ़्टर, सात जूडोका, दो बोचिया खिलाड़ी और एक पैरा-साइक्लिस्ट जापान जाएंगे।

एशियाई पैरा खेलों में भारत का दल, खेलवार
एशियाई पैरा खेलों में भारत का दल, खेलवार
मदमान
पैरा-एथलेटिक्स62
पैरा-बैडमिंटन28
पैरा-तैराकी16
पैरा-शूटिंग13
पैरा-तीरंदाज़ी11
पैरा-टेबल टेनिस10
फ़ुटबॉल 5-ए-साइड10
पैरा-पावरलिफ़्टिंग8
पैरा-जूडो7
बोचिया2
पैरा-साइक्लिंग1

दल छोटा क्यों

हांगझोउ में भारत ने 309 खिलाड़ी भेजे थे। इस बार सबसे बड़ी कटौती एथलेटिक्स में है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया ने शुरुआत में भारत को सिर्फ़ 60 कोटा स्थान दिए, जबकि भारत चीन में 123 एथलीट लेकर गया था। भारतीय पैरालंपिक समिति दो और स्थान हासिल करने में सफल रही, जिससे एथलेटिक्स दल 62 का हो गया।

मंत्रालय ने सात खेलों में टीम न भेजने का भी फ़ैसला किया है: ताइक्वांडो, गोलबॉल, सिटिंग वॉलीबॉल, व्हीलचेयर बास्केटबॉल, व्हीलचेयर फ़ेंसिंग, व्हीलचेयर टेनिस और व्हीलचेयर रग्बी।

सख़्त कोटा और छोड़े गए खेलों के कारण इस बार भारत के खिलाड़ी हांगझोउ से 141 कम होंगे। चयन प्रक्रिया भी देर से चली और कुछ स्थान अभी तय नहीं हैं। कुछ खेलों में अदालती अपीलें लंबित हैं, इसलिए टीम के रवाना होने से पहले अंतिम संख्या बदल सकती है।

आगे क्या

उद्घाटन समारोह 18 अक्टूबर को है और मुकाबले एक हफ़्ते चलेंगे। हांगझोउ से कम प्रविष्टियों के साथ भारत की पदक उम्मीदें मुख्य रूप से एथलेटिक्स दल और भगत, लेखरा तथा शीतल देवी जैसे सिद्ध नामों पर टिकी होंगी।