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शेफाली-मंधाना ने 8.5 ओवर में 103 रन बनाए, भारतीय महिलाओं ने जिम्बाब्वे से सीरीज जीती

रायपुर में निकी प्रसाद ने लगातार दो गेंदों पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे को 102/8 पर रोका। फिर दोनों ओपनरों ने 67 गेंद बाकी रहते मैच खत्म कर 2-0 की बढ़त दिलाई। पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर यह मंधाना की पहली जीत है।

संपादकीय डेस्क से · रायपुरप्रकाशित
बल्लेबाज़ी करतीं भारतीय ओपनर शेफ़ाली वर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)
बल्लेबाज़ी करतीं भारतीय ओपनर शेफ़ाली वर्मा (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Bahnfrend / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. दूसरे टी20 में भारत ने जिम्बाब्वे को नौ विकेट से हराकर 2-0 की अजेय बढ़त ले ली।
  2. शेफाली वर्मा ने 25 गेंदों पर 55 रन बनाए, स्मृति मंधाना 25 गेंदों पर 47 रन बनाकर नाबाद रहीं।
  3. यह 2026 में भारत की 17वीं टी20 जीत है, किसी एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा।

भारत ने रविवार रात रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज एक मैच बाकी रहते अपने नाम कर ली। 103 रन का लक्ष्य 8.5 ओवर में हासिल कर टीम ने नौ विकेट से जीत दर्ज की। शेफाली वर्मा ने 25 गेंदों पर 55 रन बनाए और कप्तान स्मृति मंधाना 25 गेंदों पर 47 रन बनाकर नाबाद रहीं। भारत अब सीरीज में 2-0 से आगे है।

शुक्रवार के पहले मैच की तुलना में यह कहीं आसान शाम रही। उस मैच में भारत के शीर्ष चार बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके थे और दीप्ति शर्मा व निकी प्रसाद ने चार विकेट की जीत दिलाई थी। इस बार ओपनरों ने 96 रन जोड़े और लक्ष्य सिर्फ 53 गेंदों में हासिल हो गया। पूर्णकालिक कप्तान के तौर पर यह मंधाना की पहली जीत है।

67 गेंद बाकी रहते मिली यह जीत महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 से ज्यादा के सफल पीछा में सबसे ज्यादा गेंदें बचाने का रिकॉर्ड है। इससे पहले वेस्टइंडीज ने हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ 107 रन का पीछा 65 गेंद बाकी रहते किया था। यह इस कैलेंडर साल में भारत की 17वीं टी20 जीत है, जो 2018 के 16 जीत के पिछले सर्वश्रेष्ठ से एक ज्यादा है।

निकी प्रसाद की पहली दो गेंदों पर दो विकेट

जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और भारत ने वही अंतिम एकादश उतारी। मेहमान टीम नौवें ओवर में 30 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी, जिसके बाद चिपो मुगेरी-तिरिपानो और कप्तान जोसेफिन नकोमो ने चौथे विकेट के लिए 45 रन जोड़े।

20 साल की प्रसाद ने अपनी पहली ही गेंद पर यह साझेदारी तोड़ी। 15वें ओवर में गेंदबाजी पर आईं प्रसाद ने मुगेरी-तिरिपानो (32 गेंदों पर 34) को विकेट के पीछे कैच कराया और अगली गेंद पर न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू कर दिया। हैट्रिक गेंद मोडेस्टर मुपाचिक्वा के पैड पर लगी, लेकिन भारत ने रिव्यू नहीं लिया।

पारी के ब्रेक में प्रसाद ने कहा, “मुझे लगा कि गेंद लेग स्टंप के बाहर जा रही थी, इसलिए मुझे नहीं लगा कि हमें रिव्यू लेना चाहिए।” उन्होंने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि आज गेंदबाजी मिली और मैं उस मौके का इस्तेमाल टीम की मदद के लिए कर सकी।”

उन्होंने दो ओवर में 7 रन देकर 2 विकेट लिए और 19वें ओवर में श्री चरणी की गेंद पर मिशेल मावुंगा का नीचा, डाइव लगाकर कैच भी पकड़ा। उन्होंने कहा, “पिछले मैच में मुझसे एक कैच छूट गया था, इसलिए मैं जानती थी कि आज अगर मौका मिला तो उसे पकड़ूंगी।”

क्रांति गौड़ ने 15 रन देकर एक और दीप्ति ने 13 रन देकर एक विकेट लिया। चरणी और नंदनी शर्मा को भी एक-एक विकेट मिला। नकोमो 35 गेंदों पर 27 रन बनाकर नाबाद रहीं और जिम्बाब्वे 8 विकेट पर 102 रन ही बना सका।

53 गेंदों में खत्म हुआ पीछा

चार ओवर के बाद भारत का स्कोर बिना विकेट खोए 40 रन था। पांचवें ओवर में मंधाना ने ग्वांजुरा पर लगातार चार चौके जड़े और उस ओवर में 21 रन आए। पावरप्ले के अंत में भारत बिना नुकसान 76 रन पर था।

शेफाली ने 24 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और अगली ही गेंद पर बिलव्ड बिजा की गेंद पर कैच आउट हो गईं। उन्होंने छह चौके और चार छक्के लगाए। छह चौके और दो छक्के लगाने वाली मंधाना ने नौवें ओवर में छक्का मारकर मैच खत्म किया।

इस साल टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह दोनों की नौवीं 50 से ज्यादा रन की साझेदारी थी, जो महिला क्रिकेट में किसी जोड़ी का एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा है। इसके साथ ही 2026 में दोनों के साथ में बनाए रन 1,000 के पार पहुंच गए। शेफाली के इस साल 26 पारियों में 922 टी20 रन हो गए हैं, 165 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से। यह एक कैलेंडर साल का रिकॉर्ड है।

आगे क्या

तीसरा और आखिरी मैच मंगलवार, 20 अक्टूबर को है। शुक्रवार को चार विकेट की हार से पहले भारत को कड़ी टक्कर देने वाली जिम्बाब्वे टीम क्लीन स्वीप से बचना चाहेगी।