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शीतल देवी और तोमन कुमार ने जीता मिश्रित टीम स्वर्ण, सुवर्णा राज बनीं डिस्कस चैंपियन
आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों के चौथे दिन भारत ने दो स्वर्ण और तीरंदाज़ी में ऐतिहासिक रजत जीता, और पदकों की गिनती 70 के पार पहुंच गई।

मुख्य बातें
- शीतल देवी और तोमन कुमार ने कंपाउंड मिश्रित टीम फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराया।
- सुवर्णा राज ने पांचवें प्रयास में 15.66 मीटर थ्रो के साथ महिला एफ54 डिस्कस जीता।
- स्वाति चौधरी ने डब्ल्यू1 वर्ग में रजत जीता, जो इन खेलों में इस वर्ग में भारत का पहला पदक है।
शीतल देवी और तोमन कुमार ने गुरुवार को रैंकिंग राउंड के अपने विश्व रिकॉर्ड को स्वर्ण पदक में बदल दिया। आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों के कंपाउंड मिश्रित टीम फाइनल में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया को 151-148 से हराया।
भारतीय जोड़ी पहले एंड के बाद एक अंक से आगे थी और आधे मुकाबले तक बढ़त 77-73 यानी चार अंक की हो गई। तीसरे एंड में इंडोनेशिया ने एक अंक वापस लिया, लेकिन आखिरी एंड 38-38 से बराबर रहा और भारत ने तीन अंक से जीत पक्की कर ली। इसी हफ्ते क्वालिफिकेशन में इस जोड़ी ने 1,402 अंकों के साथ मिश्रित टीम का विश्व रिकॉर्ड बनाया था।
सुवर्णा राज का पांचवां थ्रो
दिन का दूसरा स्वर्ण स्टेडियम में आया, जहां सुवर्णा राज ने महिला एफ54 डिस्कस थ्रो जीता। उनका पांचवां प्रयास 15.66 मीटर का रहा, जो प्रतियोगिता में सबसे लंबा था। ईरान की शहला हदीदी 15.45 मीटर के साथ दूसरे और वियतनाम की न्गुयेन थी न्गोक थुई 14.65 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
स्वाति का पहला रजत
अपने पहले एशियाई पैरा खेलों में उतरीं स्वाति चौधरी महिला व्यक्तिगत डब्ल्यू1 तीरंदाज़ी फाइनल में चीन की सेन मेंगकैन से हार गईं, लेकिन रजत पदक जीत लिया। यह एशियाई पैरा खेलों में डब्ल्यू1 वर्ग में भारत का पहला पदक है। मंगलवार को उन्होंने सेमीफाइनल में कोरिया की ली उन्ही को हराया था।
भारत ने दिन में सात कांस्य पदक भी जीते। सुबह 14 स्वर्ण समेत 62 पदकों से शुरुआत करने वाले भारत की कुल संख्या अब 70 के पार पहुंच गई है।