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वाइल्डकार्ड झेंग चिनवेन ने आंद्रेयेवा को हराया, चाइना ओपन जीतने वाली पहली चीनी खिलाड़ी बनीं

रैंकिंग में 54वें नंबर पर और कोहनी की चोट के बाद 160वें नंबर तक फिसल चुकीं ओलंपिक चैंपियन ने बीजिंग में 7-5, 6-4 से जीत दर्ज की। यह लगभग दो साल में उनका पहला खिताब है।

संपादकीय डेस्क से · बीजिंगप्रकाशित
2024 पेरिस ओलंपिक में झेंग छिनवेन (फ़ाइल फ़ोटो)
2024 पेरिस ओलंपिक में झेंग छिनवेन (फ़ाइल फ़ोटो)Kuberzog / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. 11 अक्टूबर को चाइना ओपन फ़ाइनल में झेंग चिनवेन ने मीरा आंद्रेयेवा को 7-5, 6-4 से हराया।
  2. बीजिंग का WTA 1000 खिताब जीतने वाली वह पहली चीनी महिला हैं, और वह भी वाइल्डकार्ड के रूप में।
  3. दाहिने कंधे की चोट के कारण झेंग ने वुहान ओपन से नाम वापस ले लिया है।

पहले ही मैच पॉइंट पर ऐस लगाते ही झेंग चिनवेन रोते हुए कोर्ट पर गिर पड़ीं। अपने घरेलू टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड के रूप में उतरीं ओलंपिक चैंपियन ने रविवार को बीजिंग में चाइना ओपन के फ़ाइनल में फ़्रेंच ओपन चैंपियन मीरा आंद्रेयेवा को 7-5, 6-4 से हराया। यह खिताब जीतने वाली वह पहली चीनी महिला हैं।

अक्टूबर 2024 में टोक्यो के बाद यह झेंग का पहला खिताब है, WTA 1000 स्तर पर पहला और करियर का छठा। फ़ाइनल एक घंटा 43 मिनट चला।

फ़ाइनल कैसे पलटा

चौथी वरीयता प्राप्त आंद्रेयेवा ने शुरुआत में ही ब्रेक लेकर 2-0 की बढ़त बना ली और पहले सेट में वह बेहतर दिख रही थीं। झेंग ने बराबरी की, लेकिन सेट के आख़िर में 10वें गेम में उन्हें तीन सेट पॉइंट का सामना करना पड़ा। उन्होंने तीनों बचाए और फिर लगातार 11 पॉइंट जीतकर सेट 7-5 से अपने नाम किया।

दूसरा सेट ज़्यादा कड़ा रहा। दोनों ने शुरुआत में एक-दूसरे की सर्विस तोड़ी, और नौवें गेम में झेंग ने फिर ब्रेक लेकर 5-4 की बढ़त ली। एक डबल फ़ॉल्ट से जीत कुछ पल के लिए अटकती दिखी, लेकिन फिर आंद्रेयेवा के बैकहैंड की ओर ऐस लगाकर उन्होंने मैच ख़त्म किया।

दोनों के बीच पिछला एकमात्र मुकाबला आंद्रेयेवा ने जीता था। उन्होंने कहा कि झेंग ने अच्छी सर्विस की और ज़्यादा जोखिम लेने के चक्कर में उनसे “कई रिटर्न छूट गए”।

आज उन्होंने सचमुच शानदार खेल दिखाया। उन्हें बेहतर खेलते और वापसी करते देखना भी बहुत अच्छा लग रहा है।

मीरा आंद्रेयेवा, उपविजेता, 11 अक्टूबर 2026

160वें नंबर से चैंपियन तक

24 साल की झेंग एक समय दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी रह चुकी हैं। 2024 में वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के फ़ाइनल तक पहुंचीं और रोलां गैरो में ओलंपिक स्वर्ण जीता। फिर 2025 में कोहनी की सर्जरी हुई, लगभग छह महीने वह कोर्ट से बाहर रहीं, और इस सीज़न के बीच तक उनकी रैंकिंग 160 तक गिर गई।

वापसी अगस्त में शुरू हुई, जब क्वालिफ़ायर के रूप में खेलते हुए वह मैडिसन कीज़ और इगा स्वियातेक को हराकर यूएस ओपन के क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुंचीं। बीजिंग वह 54वीं रैंकिंग के साथ पहुंचीं। 2004 में टूर्नामेंट के नए रूप में शुरू होने के बाद से वह सबसे कम रैंकिंग वाली चैंपियन हैं, और इसे जीतने वाली पहली वाइल्डकार्ड भी।

उनका हफ़्ता आसान नहीं रहा। अन्ना कालिंस्काया, मारी बूज़कोवा और अलीना चारायेवा समेत पहले चार विरोधियों के ख़िलाफ़ हर मैच तीसरे सेट तक गया। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फ़ाइनल में छठी वरीयता प्राप्त एलिना स्वितोलिना को और सेमीफ़ाइनल में एलीज़ मेर्टेंस को 7-5, 6-2 से हराया। आंद्रेयेवा ने निकोला बार्तुनकोवा को 6-2, 6-2 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई थी।

WTA के मुताबिक़ खिताब तक के सफ़र में झेंग ने 78 गेम गंवाए, जो 1990 के बाद इस स्तर के किसी भी चैंपियन में सबसे ज़्यादा है। पिछला रिकॉर्ड 66 गेम का था, जो बेलिंडा बेंचिच ने 2015 में टोरंटो में बनाया था।

ट्रॉफ़ी समारोह में उन्होंने दर्शकों से अंग्रेज़ी में बात की और उनके लिए एक पॉप गाना भी गाया।

जब मैं सबसे बुरे दौर में थी, तब सब कह रहे थे कि मैं वापसी नहीं कर पाऊंगी।

झेंग चिनवेन, चाइना ओपन चैंपियन, 11 अक्टूबर 2026

उन्होंने कहा, “सच कहूं तो यह खिताब जीतकर लगा कि आख़िरकार मैंने इसे हासिल कर लिया।” उन्होंने यह भी कहा कि आगे के लिए वह “बहुत भूखी” हैं।

आगे क्या

रैंकिंग अपडेट होने पर झेंग फिर से शीर्ष 30 में लौट आएंगी। हार के बावजूद 19 साल की आंद्रेयेवा करियर की सबसे ऊंची, तीसरी रैंकिंग पर पहुंच रही हैं। इस सदी में शीर्ष तीन में पहुंचने वाली वह तीसरी सबसे कम उम्र की खिलाड़ी होंगी, मारिया शारापोवा और किम क्लाइस्टर्स के बाद।

इस हफ़्ते दोनों में से कोई भी वुहान में नहीं खेलेगी। झेंग ने दाहिने कंधे की चोट के कारण वुहान ओपन से नाम वापस ले लिया। अपने बयान में उन्होंने कहा, “लगातार कड़े मुकाबलों के बाद मेरा शरीर बहुत थका हुआ है।” 19 से 25 अक्टूबर तक ओसाका में होने वाले जापान ओपन के लिए उनकी एंट्री है। आंद्रेयेवा ने अपने कार्यक्रम में बदलाव का हवाला दिया।

मूल दस्तावेज़