राज्यकर्नाटक
कृष्णा बायरे गौड़ा का ठेकेदारों को अल्टीमेटम: 31 अक्टूबर तक बेंगलुरु में एलईडी स्ट्रीटलाइट
ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री ने कहा कि शहर की स्ट्रीटलाइटों का रखरखाव न करने पर ठेकेदारों पर ₹93.67 लाख का जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका है, और आगे भी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें
- मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने पूरे बेंगलुरु में एलईडी स्ट्रीटलाइट के लिए 31 अक्टूबर की समय सीमा तय की।
- स्ट्रीटलाइटों के खराब रखरखाव पर ठेकेदारों पर ₹93.67 लाख का जुर्माना लगा है।
- उन्होंने ठेकेदारों को चेताया कि रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
कर्नाटक के ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने ठेकेदारों को शहर की स्ट्रीटलाइटें एलईडी में बदलने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है और चेतावनी दी है कि लाइटों का ठीक से रखरखाव न करना उन्हें महंगा पड़ेगा।
राज्य सरकार में राजधानी के विकास का जिम्मा संभाल रहे मंत्री ने बताया कि जुर्माने पहले ही लगाए जा चुके हैं। बायरे गौड़ा ने सोमवार को कहा, “स्ट्रीटलाइटों का रखरखाव न करने पर ठेकेदारों पर कुल ₹93.67 लाख का जुर्माना पहले ही लगाया जा चुका है।”
अंधेरी सड़कें बेंगलुरु के लोगों की सबसे आम शिकायतों में हैं। लोग लंबे समय से टूटी और टिमटिमाती लाइटों को हादसों, अपराध और घर लौटते वक्त असुरक्षा की वजह बताते रहे हैं, खासकर महिलाओं के लिए। लाइटों का रखरखाव ठेकेदारों के जिम्मे है, इसलिए मंत्री के निशाने पर वही हैं।
एलईडी लाइटें पुराने सोडियम लैंपों की तुलना में काफी कम बिजली खाती हैं, इसलिए इस बदलाव का मकसद सड़कों को रोशन करने के साथ शहर का बिजली बिल घटाना भी है।
लोगों के लिए कसौटी सीधी है: नवंबर में घर लौटते समय उनकी गली रोशन है या नहीं। समय सीमा में ठेकेदारों के पास दो हफ्ते से भी कम बचे हैं, और यह त्योहारों के बीच पड़ रही है, जब शाम को शहर के बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक सबसे ज्यादा होता है। बायरे गौड़ा ने सोमवार को यह नहीं बताया कि समय सीमा चूकने पर पहले से लगे जुर्मानों के अलावा क्या कार्रवाई होगी।