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राज्यदिल्ली

सोमवार को दिल्ली की हवा सुधरी, एक्यूआई 139; बुधवार से 'खराब' होने का अनुमान

राजधानी का दैनिक वायु गुणवत्ता औसत सुधरकर 139 पर आया और शहर में अक्टूबर की अब तक की सबसे ठंडी रात 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुई। पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक 21 अक्टूबर को हवा 'खराब' श्रेणी में जा सकती है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
धुंध में इंडिया गेट, नई दिल्ली (फ़ाइल फ़ोटो)
धुंध में इंडिया गेट, नई दिल्ली (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Annie Thomas / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 139 रहा, जो 'मध्यम' श्रेणी में है।
  2. सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो अक्टूबर की अब तक की सबसे ठंडी रात है।
  3. अनुमान है कि 21 और 22 अक्टूबर को हवा 'खराब' हो जाएगी और उसके बाद भी राहत नहीं मिलेगी।

सोमवार को दिल्ली की हवा में सुधार हुआ। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 139 पर रहा, जबकि राजधानी ने अक्टूबर की अब तक की सबसे ठंडी रात झेली।

इस आंकड़े के साथ शहर ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा, जो रविवार शाम दर्ज 184 से साफ बेहतर है। आंकड़े भेजने वाले 58 निगरानी केंद्रों में से दो ‘खराब’ और छह ‘संतोषजनक’ श्रेणी में थे, बाकी ‘मध्यम’ में। सबसे खराब हालत पूसा की रही, जहां एक्यूआई 281 था।

ठंड की दस्तक

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 1.3 डिग्री कम है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि यह इस महीने राजधानी की सबसे ठंडी रात रही, जो पिछली रात के 18.6 डिग्री से डेढ़ डिग्री कम है।

मौसम विभाग ने आने वाले हफ्ते में ज्यादातर साफ और सूखे दिनों का अनुमान जताया है। न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री और दोपहर का तापमान 31 से 35 डिग्री के बीच रहेगा।

आगे मुश्किल दिन

यह राहत थोड़े दिन की हो सकती है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक मंगलवार को हवा ‘मध्यम’ रहेगी, फिर 21 और 22 अक्टूबर को ‘खराब’ श्रेणी में चली जाएगी, और उसके बाद के छह दिनों का अनुमान भी ‘खराब’ हवा का ही है। पूर्वानुमान में चेतावनी दी गई है कि प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषक ठीक से नहीं बिखर पाएंगे, क्योंकि हवा की रफ्तार और वेंटिलेशन जरूरी स्तर से नीचे जाने की आशंका है।

ठंडी और शांत रातें प्रदूषण को जमीन के करीब रोक लेती हैं, और मानसून की विदाई के बाद बारिश के आसार भी नहीं हैं। मंगलवार शाम दशहरे पर पुतला दहन और दिवाली से पहले के दिन आम तौर पर प्रदूषण बढ़ाते हैं।

पराली की आग

पूरे क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की क्रीम्स प्रयोगशाला ने सोमवार को छह राज्यों में खेतों में आग की 98 घटनाएं दर्ज कीं: उत्तर प्रदेश में 27, पंजाब में 25, राजस्थान में 24, उत्तराखंड में 18 और मध्य प्रदेश में चार। हरियाणा और दिल्ली में कोई घटना दर्ज नहीं हुई।

15 सितंबर से अब तक कुल 1,171 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें मध्य प्रदेश 370 और पंजाब 368 के साथ सबसे आगे हैं, इसके बाद राजस्थान 197 और उत्तर प्रदेश 175 पर हैं।

प्रदूषण बोर्ड का अगला दैनिक बुलेटिन मंगलवार शाम 4 बजे आएगा, जिससे पता चलेगा कि त्योहार के दिन दिल्ली की हवा ‘मध्यम’ बनी रहती है या नहीं।