राज्यदिल्ली
पानी की पाइपलाइन में लीकेज जल्दी पकड़ने के लिए दिल्ली में डिजिटल कमांड सेंटर शुरू
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना के लिए सेंटर और एक इमरजेंसी रिपेयर वाहन की शुरुआत की। यह परियोजना शहर के करीब दसवें हिस्से को कवर करती है।

मुख्य बातें
- नया सेंटर स्काडा, जीआईएस, स्मार्ट मीटर और शिकायतों का डेटा एक डैशबोर्ड पर लाता है।
- यह चंद्रावल परियोजना के उन पैकेजों को कवर करता है जो दिल्ली के करीब 10% हिस्से को पानी देते हैं।
- 60 केवीए जेनरेटर और पंप वाला इमरजेंसी वाहन स्थानीय बिजली के बिना काम कर सकता है।
दिल्ली में अब एक नया कंट्रोल रूम है, जिसका काम पानी की पाइपलाइनों में लीकेज को बड़ी लाइन फटने से पहले पकड़ना है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को शिवाजी मार्ग पर जेडब्ल्यूआईएल इंफ्रा लिमिटेड के दफ्तर में इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसी³) का उद्घाटन किया। यह कंपनी दिल्ली जल बोर्ड के लिए चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना का एक हिस्सा बना रही है।
सेंटर स्काडा सिस्टम, जीआईएस नक्शों, स्मार्ट मीटरों, उपभोक्ताओं की शिकायतों, रखरखाव के रिकॉर्ड और जीपीएस से ट्रैक होने वाली फील्ड गाड़ियों का डेटा एक डैशबोर्ड पर लाता है। अधिकारी नेटवर्क पर नज़र रख सकेंगे, कमज़ोर जगहों की पहचान कर सकेंगे, मरम्मत टीमों को ट्रैक कर सकेंगे और शिकायतों की स्थिति देख सकेंगे। एआई और डिजिटल ट्विन तकनीक से पाइप फटने का अनुमान, कम दबाव वाले इलाकों की पहचान और मांग का विश्लेषण होगा, ताकि पाइप खराब होने से पहले ही काम हो सके।
सिंह ने कहा, “किसी बड़ी पाइपलाइन में लीकेज हो तो कुछ मिनट भी बड़ा फर्क डाल सकते हैं। हमारा लक्ष्य साफ है: पानी की कम बर्बादी, जल्दी मरम्मत और ज़्यादा जवाबदेही।”
उन्होंने एक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन को भी हरी झंडी दिखाई, जिसमें ज़्यादा क्षमता वाले सबमर्सिबल पंप, 60 केवीए का जेनरेटर और मरम्मत का सामान है, ताकि यह मौके पर स्थानीय बिजली के बिना काम कर सके। यह जीपीएस से सेंटर से जुड़ा है।
जेडब्ल्यूआईएल चंद्रावल परियोजना के पैकेज 2, 3 और 4 पर काम कर रही है, जो मिलकर दिल्ली की करीब 10% आबादी और इलाके को कवर करते हैं, जिनमें अहम वीआईपी इलाके भी हैं। सिंह ने कहा, “हमारे लिए जल प्रबंधन सिर्फ पानी पहुंचाना नहीं है।” लागत या मरम्मत के समय का कोई लक्ष्य घोषित नहीं किया गया।