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भरतपुर में स्टोन क्रशर पर झड़प के बाद पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत

क्रशर दोबारा चालू करने के विरोध में ग्रामीण कई दिनों से धरने पर थे। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संपादकीय डेस्क से · भरतपुरप्रकाशित
जयपुर का सवाई मानसिंह अस्पताल
जयपुर का सवाई मानसिंह अस्पतालClubfirst / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना (68) की रविवार शाम लाठी-पत्थरों से हमले के बाद जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई।
  2. झड़प भोंडा गांव के एक विवादित स्टोन क्रशर पर हुई, जिसके खिलाफ ग्रामीण विरोध कर रहे थे।
  3. पुलिस के मुताबिक कुछ संदिग्ध हिरासत में हैं और फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच की है।

राजस्थान के पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की भरतपुर जिले में एक विवादित स्टोन क्रशर को लेकर हुई झड़प में लाठी-पत्थरों से हमले के बाद मौत हो गई है।

68 वर्षीय भड़ाना रविवार शाम वैर थाना क्षेत्र के भोंडा गांव में क्रशर साइट पर घायल हुए। उन्हें पहले वैर के अस्पताल ले जाया गया और फिर जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें भरतपुर रेफर किया गया।

भुसावर के सर्किल ऑफिसर नीरज भारद्वाज ने बताया कि झड़प के दौरान दोनों पर लाठियों और पत्थरों से हमला किया गया।

क्रशर को लेकर पुराना विवाद

भोंडा के ग्रामीण करीब दो साल से इस क्रशर का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप था कि भड़ाना अवैध खनन कर रहे थे और उन्होंने चरागाह की ज़मीन व साइट तक जाने वाले रास्ते पर कब्ज़ा किया। क्रशर करीब एक साल से बंद था और उसे दोबारा चालू करने की कोशिश से विवाद फिर भड़क गया।

ग्रामीणों का कहना है कि वे 10 से 15 दिन से धरने पर बैठे थे। उनके मुताबिक भड़ाना रविवार को 40 से 50 लोगों के साथ धरना खत्म कराने पहुंचे, और बहस पथराव व मारपीट में बदल गई।

उनकी पत्नी कमलेश सिंह का कहना कुछ और है। उन्होंने बताया कि भड़ाना शाम करीब 6:30 बजे लीज़ साइट पर पहुंचे थे और वहां 70 से 80 लोगों ने उन पर और दूसरों पर हमला किया। उनके मुताबिक स्थानीय लोग लंबे समय से प्लांट की बिजली काटते रहे, पानी का पंप खराब करते रहे और कर्मचारियों को धमकाते रहे।

इन घटनाओं की जानकारी लगातार पुलिस और प्रशासन को दी जाती रही, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

कमलेश सिंह, अतर सिंह भड़ाना की पत्नी, 12 अक्टूबर 2026

उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति को गोली मारी गई थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में गोली चलने की बात सामने नहीं आई है, और स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में गोली के घाव से इनकार किया।

पुलिस क्या कर रही है

भरतपुर के पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि शामिल लोगों की पहचान के लिए टीमें लगी हैं और कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फॉरेंसिक टीम बुलाई गई। क्रशर के पास फर्नीचर और एक दफ्तर में तोड़फोड़ हुई।

नदबई थाना प्रभारी अरुण चौधरी ने बताया कि परिवार ने अपनी शिकायत में करीब 35 से 40 लोगों को नामजद किया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।

प्रतिक्रियाएं

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर राज्य सरकार की आलोचना की। कांग्रेस नेता सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

एसएमएस अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार भड़ाना का शव अंतिम संस्कार के लिए हरियाणा के फरीदाबाद जिले के पाली गांव ले गया।