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रबी से पहले पानी के बदले पड़ोसी राज्यों को बिजली या पैसा देगा गुजरात: पाटिल

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने सूरत में कहा कि राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान से पानी चाहता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मंगलवार को दिल्ली में यह मुद्दा उठाएंगे।

संपादकीय डेस्क से · सूरतप्रकाशित
गुजरात में नर्मदा पर सरदार सरोवर बांध (फ़ाइल फ़ोटो)
गुजरात में नर्मदा पर सरदार सरोवर बांध (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Rupeshsarkar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. गुजरात ने तीन पड़ोसी राज्यों से पानी के बदले बिजली या पैसा देने की पेशकश की है।
  2. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मंगलवार को दिल्ली में तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर सकते हैं।
  3. इस साल देवभूमि द्वारका में सामान्य मानसूनी बारिश की सिर्फ 5.47% बारिश हुई।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने रविवार को कहा कि रबी की बुवाई से पहले पानी की कमी पूरी करने के लिए गुजरात ने पड़ोसी राज्यों को पानी के बदले बिजली देने या मुआवजा चुकाने की पेशकश की है।

सूरत में एक कार्यक्रम में पाटिल ने कहा कि राज्य मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान से पानी चाहता है। पेशकश के तहत गुजरात या तो उस पानी से बनी बिजली में हिस्सा देगा या उसकी कीमत चुकाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंगलवार को दिल्ली जाकर तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से इस प्रस्ताव पर बात करने की उम्मीद है।

पाटिल ने इस कमी के लिए अल नीनो को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन कहा कि गुजरात की स्थिति कई दूसरे राज्यों से बेहतर है।

असमान मानसून

कागज पर राज्य का साल खराब नहीं रहा। पिछले महीने विधानसभा में रखी गई राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में औसत मानसूनी बारिश की 94.83% बारिश हुई। लेकिन बारिश बहुत असमान रही। देवभूमि द्वारका में सामान्य की सिर्फ 5.47% और पोरबंदर में 18.12% बारिश दर्ज हुई, जिससे सौराष्ट्र के ये दोनों तटीय जिले सर्दी की फसल के लिए पानी की कमी झेल रहे हैं।

विपक्षी कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार प्रभावित इलाकों में औपचारिक रूप से जल संकट घोषित करे।

अब यह प्रस्ताव मंगलवार को दिल्ली की बैठक में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के सामने रखा जाएगा। गुजरात में रबी की बुवाई इस पर निर्भर करेगी कि आने वाले हफ्तों में कितना पानी पहुंचता है।