राज्यहरियाणा
हरियाणा को नशामुक्त बनाने के लिए सैनी की सात सूत्री योजना, हर महीने नतीजे मांगे
संकल्प सोसाइटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस से हर बरामदगी का स्रोत खोजने और केमिस्टों के जरिए नशीली गोलियों की बिक्री रोकने को कहा।

मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चाहते हैं कि हर थाना क्षेत्र नशामुक्त हो।
- योजना में केमिस्ट दुकानों से नशीली गोलियों की बिक्री रोकना शामिल है।
- संकल्प सोसाइटी को हर महीने ठोस नतीजे पेश करने होंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य को नशे से मुक्त करने के लिए सात सूत्री योजना रखी है और जिम्मेदार अफसरों से कहा है कि उनका आकलन हर महीने के नतीजों से होगा।
सैनी ने यह योजना राज्य की संकल्प सोसाइटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए रखी। सात लक्ष्य हैं: हर थाना क्षेत्र को नशामुक्त बनाना, जिला स्तर पर तस्करी के नेटवर्क तोड़ना, केमिस्ट दुकानों से नशीली गोलियों की बिक्री रोकना, नशे के खिलाफ लड़ाई में परिवारों को साथ लेना, अस्पतालों में इलाज की सुविधा पक्की करना, स्कूलों में जागरूकता और काउंसलिंग मजबूत करना, और युवाओं के लिए खेल व दूसरी सकारात्मक गतिविधियों के मौके बढ़ाना।
उन्होंने पुलिस से कहा कि हर जब्त खेप का स्रोत पता किया जाए, उसकी आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान हो और तस्करी के रास्तों व सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखी जाए, साथ ही असरदार जांच और कानूनी कार्रवाई हो।
सोसाइटी से हर महीने ठोस प्रगति दिखाने को कहा गया है: नशे की उपलब्धता में कमी, इलाज से जुड़ने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या और दोबारा नशे की लत में कमी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाबदेही “हर स्तर पर तय होनी चाहिए।”
पड़ोसी पंजाब में केमिस्टों के जरिए नशे की बिक्री का मुद्दा तब और गरमा गया, जब मंगलवार को मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की एक केमिस्ट से बहस के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिस पर वे नशा बेचने का आरोप लगा रहे थे।