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आईआईआईटी रांची के छात्र की मौत की जांच के लिए शिक्षा मंत्रालय ने समिति बनाई

प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की शनिवार को मौत हो गई। तीसरे दिन भी प्रदर्शन कर रहे उनके साथी निदेशक को हटाने की मांग कर रहे हैं और कहते हैं कि मदद देर से पहुंची।

संपादकीय डेस्क से · रांचीप्रकाशित
आईआईआईटी रांची परिसर
आईआईआईटी रांची परिसरPhoto: Shubjt / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रो. रजनी अब्बी की अगुवाई में तीन सदस्यीय समिति मौत की जांच करेगी।
  2. छात्रों ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया और निदेशक राजीव श्रीवास्तव को हटाने की मांग की।
  3. उनका कहना है कि वे सालाना करीब ₹4 लाख देते हैं, फिर भी बुनियादी सुविधाएं और आपात इलाज नहीं मिलता।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) रांची के प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन छात्र परिसर में प्रदर्शन करते रहे।

बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले आदित्य शनिवार को अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिले और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उनके साथी छात्रों का आरोप है कि संस्थान ने देर से कदम उठाया और समय पर इलाज मिलता तो उन्हें बचाया जा सकता था।

समिति की अध्यक्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी हैं। इसमें एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी हैं। समिति मौत की परिस्थितियों की जांच करेगी और देखेगी कि संस्थान बुनियादी सुविधाओं, छात्र सहायता, काउंसलिंग, मेंटरिंग और शिकायत निवारण से जुड़े दिशानिर्देशों का कितना पालन करता है। उसे कमियों की पहचान कर छात्रों की भलाई के लिए उपाय सुझाने को कहा गया है। संस्थान का कामकाज चलाने के लिए मंत्रालय ने अंतरिम प्रशासनिक व्यवस्था भी की है।

मंगलवार को छात्र फिर खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित हॉस्टल परिसर में जुटे। वे निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाने और हॉस्टल में बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उनकी शिकायतों में कैंटीन का खाना, हॉस्टल की सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी शामिल हैं, साथ ही वे लिफ्ट, एंबुलेंस, बिजली और ऑक्सीजन की व्यवस्था को नाकाफी बताते हैं। उनका कहना है कि वे ट्यूशन और दूसरे शुल्क के तौर पर सालाना करीब ₹4 लाख देते हैं।

सोमवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एके भट्ट ने निदेशक और शिक्षकों के साथ छात्रों से मुलाकात की। छात्र अपनी मांगों पर डटे रहे और चेतावनी दी है कि ठोस कार्रवाई न होने पर वे आंदोलन तेज करेंगे।