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कोच्चि में जज के 17 साल के बेटे की कार ने स्कूटी सवार को टक्कर मारी, मौत

रविवार तड़के चेरनल्लूर में अपर जिला न्यायाधीश के नाम पर रजिस्टर्ड लग्जरी कार ने 55 साल के जयबालकृष्णन की स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी।

संपादकीय डेस्क से · कोच्चिप्रकाशित
कोच्चि के चेरनल्लूर की एक सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)
कोच्चि के चेरनल्लूर की एक सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: RajeshUnuppally / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. मंजली के रहने वाले 55 साल के जयबालकृष्णन की चेरनल्लूर में मौत हो गई।
  2. कार 17 साल का एक लड़का चला रहा था, जो एक अपर जिला न्यायाधीश का बेटा है।
  3. पुलिस के मुताबिक किशोर नशे में नहीं था; खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

कोच्चि के चेरनल्लूर में रविवार तड़के 17 साल के एक लड़के की चलाई लग्जरी कार ने एक स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे 55 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस ने दी।

मृतक जयबालकृष्णन मंजली के रहने वाले थे। कार चला रहा किशोर एक अपर जिला न्यायाधीश का बेटा है, और कार न्यायाधीश के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने लड़के को हिरासत में ले लिया और लापरवाही से गाड़ी चलाने और लापरवाही से मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया।

खून के नमूने जांच के लिए भेजे

पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में किशोर ने शराब नहीं पी थी। उसके खून के नमूने लेकर आगे की जांच के लिए भेजे गए हैं।

कार ने जयबालकृष्णन की स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी और चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। पुलिस ने यह नहीं बताया है कि कार कितनी रफ्तार में थी या लड़का कहां जा रहा था।

कानून क्या कहता है

चालक नाबालिग है, इसलिए मामला किशोर न्याय व्यवस्था के तहत चलेगा। 2019 में जोड़ी गई मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत नाबालिग की चलाई गाड़ी के अभिभावक या मालिक को भी अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया है कि कार के रजिस्टर्ड मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी या नहीं।

यही धारा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए रद्द करने और नाबालिग को 25 साल की उम्र तक लाइसेंस न देने की इजाजत देती है। पुलिस ने यह नहीं बताया है कि खून की जांच के नतीजों के इंतजार के अलावा इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।