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भगदड़ के बाद कोलकाता में बड़े पूजा पंडाल रात भर बंद, पुलिस जांच शुरू

चोरबागान हादसे के बाद चेतला अग्रणी, टाला प्रत्यय और भीड़ खींचने वाले दूसरे पंडालों ने दर्शकों का प्रवेश रोक दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर पुलिस बहुत कम थी।

संपादकीय डेस्क से · कोलकाताप्रकाशित
कोलकाता के संतोष मित्र स्क्वायर की दुर्गा पूजा (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
कोलकाता के संतोष मित्र स्क्वायर की दुर्गा पूजा (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Tarunsamanta / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. पुलिस ने शनिवार रात कई बड़ी पूजाओं से प्रवेश रोकने को कहा।
  2. चोरबागान में देर रात फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाने शुरू किए।
  3. पंडाल दोबारा खोलने पर फैसला रविवार की समीक्षा बैठक के बाद होगा।

उत्तर कोलकाता के चोरबागान पंडाल में भीड़ उमड़ने से 19 लोगों की मौत के कुछ घंटे बाद, शनिवार रात कोलकाता पुलिस ने शहर की कई सबसे बड़ी दुर्गा पूजाओं से दर्शकों का प्रवेश रोकने को कहा। पुलिस ने चोरबागान में भीड़ प्रबंधन की जांच भी शुरू कर दी है।

टाला प्रत्यय, अलीपुर सार्वजनिन, चेतला अग्रणी और बालीगंज सार्वजनिन से प्रवेश बंद करने को कहा गया। एलन पार्क का शो रद्द कर दिया गया और संतोष मित्र स्क्वायर ने दर्शकों की संख्या सीमित कर दी। सॉल्ट लेक में बिधाननगर पुलिस ने बड़ी पूजाओं को बंद करने को कहा। बिधाननगर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “हमने फैसला लिया है और पूजा आयोजकों से पंडालों के अंदर लोगों को जाने न देने को कहा है।”

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे अस्थायी आदेश बताया। उन्होंने कहा, “यह अस्थायी फैसला है, और कल हम इस पर निर्णय ले सकते हैं।” राज्य और पुलिस के अधिकारी रविवार को समीक्षा बैठक करेंगे। इस साल शहर में करीब 3,500 दुर्गा पूजाएं हो रही हैं।

संतोष मित्र स्क्वायर पूजा समिति के अध्यक्ष सजल घोष ने कहा, “हम हर दर्शक को अंदर आने के लिए नहीं कह सकते। और हमने दर्शकों का प्रवेश घटा दिया है।”

भीड़ पर सवाल

चोरबागान के स्थानीय लोगों ने कहा कि मौके पर पुलिस बहुत कम थी और ज्यादातर वीआईपी प्रवेश द्वार के पास तैनात थी। उनके मुताबिक प्रवेश और निकास को लेकर हुई घोषणाओं से भीड़ के समय दर्शक उलझन में पड़ गए। इलाके की निवासी संघमित्रा भौमिक ने कहा, “इस साल मैंने पर्याप्त पुलिस नहीं देखी। इसी वजह से अव्यवस्था हुई।”

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कुछ चूक जरूर हुई होगी, लेकिन इसकी जांच होनी चाहिए।” पुलिस यह भी देखेगी कि पंडाल बनाने में आयोजकों ने कोई नियम तो नहीं तोड़ा। देर रात एक फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आयोजकों से सुरक्षा गार्डों और भीड़ संभालने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी है, और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि पता चले कि भीड़ उमड़ते समय किसने क्या किया। जांचकर्ता चोरबागान में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेंगे और यह देखेंगे कि आपात सेवाएं कितनी जल्दी पहुंचीं। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा ने रात में अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना।

घायलों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि “थीम पूजा के नाम पर कई पंडालों में रोशनी कम रखी जाती है” और आयोजकों से सरकारी सलाह मानने को कहा। उन्होंने बताया कि दो मृतकों के परिजनों ने उनसे कहा कि निजी सुरक्षा गार्डों की सीटियों से भगदड़ मची।

घायलों में से 11 को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से एसएसकेएम अस्पताल भेजा गया है। मेडिकल कॉलेज के एक सूत्र के मुताबिक मृतकों में 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। राज्य ने परिवारों की जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 18003455678 शुरू की है।