राज्यतमिलनाडु
तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए एल मुरुगन मंत्री पद और राज्यसभा छोड़ना चाहते हैं
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले जमीनी काम पर लौटना चाहते हैं।

मुख्य बातें
- एल मुरुगन ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य मंत्री पद से मुक्त करने और राज्यसभा सीट छोड़ने देने का अनुरोध किया।
- वे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में पूरे समय भाजपा के लिए काम करना चाहते हैं।
- मंगलवार तक कोई जानकारी नहीं थी कि उनका अनुरोध मंजूर हुआ या नहीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मंत्री पद से मुक्त करने और राज्यसभा की सीट छोड़ने की इजाजत मांगी है, ताकि वे पूरे समय तमिलनाडु में भाजपा को खड़ा करने में लग सकें।
सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुरुगन ने मंगलवार को प्रधानमंत्री को लिखा अपना पत्र एक्स पर साझा किया। उन्होंने कहा कि वे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राज्य में पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं।
उन्होंने लिखा, “मैं जमीनी स्तर पर लौटकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूं।” उन्होंने कहा कि वे “पूरा समय तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने में लगाना” चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के हाल के तमिलनाडु दौरे से उन्हें भरोसा हुआ कि पार्टी वहां आगे बढ़ सकती है। वे हर गांव और गली में जाकर मोदी का समावेशी विकास का संदेश पहुंचाना चाहते हैं।
पत्र में कोनूर गांव से उनके सफर का जिक्र है, जहां उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूर थे और मवेशी चराते थे। मुरुगन करीब तीन दशक से एबीवीपी और भाजपा में हैं। राज्यसभा में आने से पहले वे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष रहे। राज्यसभा में यह उनका दूसरा कार्यकाल है। अप्रैल 2024 में वे मध्य प्रदेश से दोबारा चुने गए थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है।
उन्होंने सरकार में पांच साल के लिए मोदी का शुक्रिया अदा किया, इसे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया और अपना मूल मंत्र बताया: “राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद, स्वयं सबसे अंत में।”
मंगलवार रात तक न तो प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही भाजपा ने बताया था कि अनुरोध मंजूर हुआ है या नहीं।