राज्यओडिशा
माझी ने पुरी एयरपोर्ट और विरासत परियोजनाओं में तेज़ी के निर्देश दिए
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने मंदिर नगरी को नया रूप देने की योजनाओं की समीक्षा की, नए हवाई अड्डे और चौड़ी सड़कों से लेकर जगन्नाथ व्याख्या केंद्र तक, और अफसरों को देरी पर चेताया।

मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी में श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का काम तेज़ करने को कहा।
- योजनाओं में जगन्नाथ व्याख्या केंद्र, गुंडिचा मंदिर की नई रसोई और कोणार्क, ब्रह्मगिरि व भुवनेश्वर तक चौड़ी सड़कें शामिल हैं।
- माझी ने कहा कि देरी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी और कलेक्टर व एसपी को ज़मीन पर काम की निगरानी करने को कहा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को अधिकारियों से उन परियोजनाओं में तेज़ी लाने को कहा जिनका मकसद पुरी को विश्वस्तरीय विरासत और पर्यटन नगरी बनाना है, और साथ ही जगन्नाथ मंदिर के आसपास रहने और काम करने वालों की रोज़ी-रोटी की हिफाज़त करना है।
भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में समीक्षा बैठक में माझी ने श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण तेज़ करने को कहा। रघुनंदन पुस्तकालय के पुनर्निर्माण और नए श्री जगन्नाथ व्याख्या केंद्र की योजना पर भी चर्चा हुई।
“पुरी सिर्फ एक ज़िला नहीं है, यह ओडिशा के गौरव और दुनिया भर के करोड़ों जगन्नाथ भक्तों की आस्था का केंद्र है।”
क्या-क्या योजना है
खाके में शहर के पुल, समुद्र तट और मंदिर शामिल हैं। गुंडिचा मंदिर का विकास होगा, जिसमें महाप्रसाद बनाने के लिए नई रसोई भी है। बड़दांड से हटाए गए फेरीवालों को आपात आधार पर श्री सेतु के पास बसाया जाएगा।
बाकी कामों में अठारनाला के पास एक प्रतिष्ठित विरासत पुल, अन्नपूर्णा थियेटर का पुनर्विकास, समुद्र तट का सौंदर्यीकरण, शाम की आरती और स्वर्गद्वार पर बेहतर सुविधाएं, और एक नया मनोरंजन पार्क शामिल हैं। पुरी से ब्रह्मगिरि, कोणार्क और भुवनेश्वर तक सड़कें चौड़ी होंगी। बैठक में श्री जगन्नाथ मेडिकल कॉलेज, ब्लू फ्लैग बीच, अस्तरंग बंदरगाह और कोणार्क मंदिर के आसपास की परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई।
शहर से बाहर साक्षीगोपाल मंदिर, काकटपुर के मां मंगला मंदिर और कई मठों में सौंदर्यीकरण और सड़क संपर्क तेज़ करने, और सत्यबादी वन विद्यालय को पुराने गुरुकुल मॉडल पर बहाल करने की योजना है।
अफसरों को चेतावनी
माझी ने कहा कि कोई लापरवाही, देरी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुरी के कलेक्टर दिव्यज्योति परिडा और पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह से ज़मीन पर काम की निगरानी करने और समय-सीमा पूरी करने को कहा। साथ ही सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने को कहा ताकि योजनाओं का फायदा सीधे उन तक पहुंचे।
बैठक में मुख्य सचिव अनु गर्ग और विकास आयुक्त डी के सिंह भी मौजूद थे।