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मणिपुर के कामजोंग में घात लगाकर हमला: कुकी-ज़ो महिला की मौत, एक दंपती लापता

गुरुवार शाम फाइकोह के पास मोटरसाइकिल पर जा रहे दो दंपतियों पर गोलियां चलीं। कुकी संगठनों ने एनएससीएन-आईएम पर आरोप लगाया है; पुलिस सिर्फ इतना कह रही है कि हमला संदिग्ध उग्रवादियों ने किया।

संपादकीय डेस्क से · इंफालप्रकाशित
मणिपुर में कामजोंग ज़िले से सटे उखरुल की पहाड़ियां (फ़ाइल फ़ोटो)
मणिपुर में कामजोंग ज़िले से सटे उखरुल की पहाड़ियां (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Ac apam / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. हतनेइकिम हाओकिप की मौके पर ही मौत हो गई और उनके पति घायल हुए।
  2. चसद गांव का दूसरा दंपती, पाओखोथांग और बोइशी हाओकिप, लापता है।
  3. कुकी-ज़ो काउंसिल ने तुरंत और निष्पक्ष जांच की मांग की।

मणिपुर के कामजोंग ज़िले में गुरुवार शाम बंदूकधारियों ने मोटरसाइकिल पर सवार दो दंपतियों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक कुकी-ज़ो महिला की मौत हो गई और उनके पति घायल हो गए। दूसरे दंपती का तब से कोई पता नहीं है।

चारों लोग ज़रूरी सामान खरीदने अपने गांवों से फाइकोह जा रहे थे, जब मोलनोई और फाइकोह के बीच शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच उन पर गोलियां चलाई गईं। पुलिस के मुताबिक मोलनोई की हतनेइकिम हाओकिप की मौके पर ही मौत हो गई। उनके पति जांगखोंगम हाओकिप गोली लगने के बावजूद बच निकले। चसद गांव के डी. पाओखोथांग हाओकिप और उनकी पत्नी बोइशी हाओकिप लापता हैं, और सुरक्षा बल व गांव वाले उनकी तलाश कर रहे हैं।

पुलिस ने कहा कि हमला संदिग्ध उग्रवादियों ने किया और ब्योरे की पुष्टि की जा रही है। कुकी इनपी मणिपुर और कुकी-ज़ो काउंसिल ने इसके लिए एनएससीएन (इसाक-मुइवा) के कैडरों को ज़िम्मेदार ठहराया।

शुक्रवार को जारी बयान में कुकी-ज़ो काउंसिल ने “तुरंत और निष्पक्ष जांच” की मांग की। काउंसिल ने कहा कि इस हत्या के साथ ऐसे कुकी-ज़ो नागरिकों की संख्या 30 हो गई है, जिनकी मौत के लिए वह एनएससीएन-आईएम और ज़ेडयूएफ(के) को ज़िम्मेदार मानती है। उसने यह भी कहा कि अगर कुकी गुटों के साथ अभियान स्थगन (एसओओ) समझौतों की समीक्षा होती है, तो एनएससीएन-आईएम के युद्धविराम की भी होनी चाहिए।

यह हमला उस घटना के बाद हुआ, जब 52 साल के अजिनबोउ रिंगकमाई का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। वे उन चार नगा पुरुषों में थे, जो 10 अक्टूबर को कांगपोकपी ज़िले के माकुई आशांग गांव पर हुए हमले में मारे गए थे। उस हमले का आरोप संदिग्ध कुकी उग्रवादियों पर लगा था। सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीम को सिर हमले की जगह के पास मिला। नगा संगठन ज्वाइंट ट्राइब्स काउंसिल मणिपुर ने सिर लौटाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, और गुरुवार को इंफाल के जेएनआईएमएस में पोस्टमॉर्टम हुए।