राज्यआंध्र प्रदेश
चक्रवात अर्नब तट की ओर, नायडू ने आंध्र प्रदेश को हाई अलर्ट पर रखा
मुख्यमंत्री ने रविवार रात नावों को किनारे लौटने का आदेश दिया और बिजली व टेलीकॉम की मरम्मत टीमें पहले से तैनात करने को कहा। बुधवार तक 11 तटीय जिलों और यनम के लिए रेड अलर्ट है।

मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से शून्य जनहानि का लक्ष्य रखने को कहा।
- मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है और नावों को किनारे लौटने का आदेश दिया गया है।
- चक्रवात के बुधवार सुबह के आसपास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब के ताकत पकड़ने के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रख दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तूफान के इस हफ्ते तट पर पहुंचने से पहले वे “लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और शून्य जनहानि के लक्ष्य पर काम करें।”
10 विभागों के अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नायडू ने मछली पकड़ने वाली नावों को किनारे लौटने का आदेश दिया और मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे तट से टकराने के अंतिम पूर्वानुमान का इंतजार न करें और एहतियाती इंतजाम पहले ही पूरे कर लें। उन्होंने कहा कि “लोगों की जान बचाना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।”
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि यह तंत्र बुधवार सुबह के आसपास अति गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार करेगा। तब हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहेगी और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
तूफान से पहले टीमें तैनात
नायडू ने निर्देश दिया कि बिजली बहाली की टीमें और उपकरण तूफान आने से पहले ही तैनात कर दिए जाएं। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों से कहा कि टावर गिरने की स्थिति में मोबाइल नेटवर्क जल्दी बहाल करने के लिए तैयार रहें। जिला प्रशासनों को कंट्रोल रूम खोलने, लोगों को नियमित चेतावनी देने और लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने की योजना के लिए सैटेलाइट डेटा और पूर्वानुमानों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। राज्य हर चार घंटे पर चक्रवात बुलेटिन जारी करेगा।
सिंचाई, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कृषि, गृह और नागरिक आपूर्ति विभागों को मिलकर काम करने को कहा गया है। अधिकारियों से नदियों और जलाशयों में भारी पानी आने, बाढ़ और जरूरी सेवाओं में रुकावट के लिए तैयार रहने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित इलाकों से आने वाली शिकायतों और आपात कॉल पर तुरंत ध्यान दिया जाए।
तूफान कहां है
रविवार तक पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अवदाब गहरे अवदाब में बदल चुका था। आईएमडी के अमरावती केंद्र के मुताबिक इसका केंद्र विशाखापत्तनम से करीब 870 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 960 किमी और बापटला से 1,130 किमी पूर्व में था। अनुमान है कि यह सोमवार सुबह चक्रवाती तूफान, मंगलवार तक गंभीर चक्रवाती तूफान और बुधवार सुबह तट के पास पहुंचते समय अति गंभीर चक्रवाती तूफान बन जाएगा।
तटीय आंध्र प्रदेश में मंगलवार से गुरुवार तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। मंगलवार को काकीनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और यनम में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट है। बुधवार को रेड अलर्ट बढ़कर 11 जिलों और यनम तक पहुंच जाएगा, जिनमें विशाखापत्तनम, अल्लूरी सीताराम राजू, अनकापल्ली, एनटीआर, कृष्णा और गुंटूर शामिल हैं। आईएमडी ने कहा कि इस बारिश से “सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।”
पड़ोसी राज्य भी तैयार
ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी मंगलवार से भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, और आईएमडी ने दोनों तटों के मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है। ओडिशा ने शनिवार को अपने जिला कलेक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दीं और पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए।