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राजौरी के जंगल में गुफा वाला ठिकाना ध्वस्त, सुरक्षा बलों को नौ यूबीजीएल ग्रेनेड मिले

खास सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक संयुक्त टीम ने सोमवार को कोटरंका तहसील के पंच गब्बर जंगल में यह जखीरा बरामद किया, और शाम तक इलाके में तलाशी जारी थी।

संपादकीय डेस्क से · राजौरीप्रकाशित
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की जंगल वाली पहाड़ियां (फ़ाइल फ़ोटो)
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की जंगल वाली पहाड़ियां (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Muslimah Pahari01 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. संयुक्त टीम को राजौरी के पंच गब्बर जंगल की एक गुफा में छिपाए गए नौ यूबीजीएल ग्रेनेड मिले।
  2. साथ ही एके-47 की एक मैगजीन और 18 कारतूस भी बरामद हुए।
  3. खास सूचना पर शुरू हुई तलाशी सोमवार देर तक जारी थी।

सुरक्षा बलों ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में जंगल की एक गुफा में बने आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर नौ अंडर-बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूबीजीएल) ग्रेनेड और राइफल के कारतूस बरामद किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक खास सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम कोटरंका तहसील के पंच गब्बर वन क्षेत्र में पहुंची, जो कंडी थाने के तहत आता है। यह जखीरा एक गुफा के अंदर छिपाया गया था।

असॉल्ट राइफल के नीचे लगे लॉन्चर से दागे जाने वाले इन ग्रेनेडों के अलावा टीम को एके-47 की एक मैगजीन और एके के 18 कारतूस भी मिले। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम तक आसपास के जंगल में तलाशी अभियान जारी था।

अंडर-बैरल ग्रेनेड कई सौ मीटर तक दागे जा सकते हैं, और ऐसे जखीरे को इस बात का संकेत माना जाता है कि कोई गुट हमले की तैयारी में था या इलाके को रसद ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा था।

पीर पंजाल पर्वतमाला की दक्षिणी ढलानों पर बसे राजौरी और पड़ोसी पुंछ के जंगल बरसों से आतंकियों के छिपने और आने-जाने के रास्ते रहे हैं। घने जंगल और गुफाओं की वजह से यहां तलाशी मुश्किल होती है। सुरक्षा बल इस इलाके में नियमित तलाशी अभियान चलाते हैं, खासकर सर्दियों की बर्फ से ऊंचे इलाके बंद होने से पहले के महीनों में।

अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि ठिकाने का इस्तेमाल कौन कर रहा था या हथियार कितने समय से वहां रखे थे। किसी गिरफ्तारी की खबर नहीं है।