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चीन का आरोप, अमेरिकी युद्धपोत चार्ल्सटन सबीना शोल के पास 'गैरकानूनी ढंग से घुसा'

चीन की सदर्न थिएटर कमान ने स्प्रैटली द्वीपों में जहाज़ का पीछा करने के लिए नौसैनिक बल भेजे और वॉशिंगटन से इसे रोकने को कहा। पिछले एक साल से ज़्यादा में यह वहां ऐसा पहला ज्ञात अमेरिकी अभियान लगता है।

संपादकीय डेस्क से · बीजिंगप्रकाशित
दक्षिण चीन सागर में स्प्रैटली द्वीपों का सबीना शोल (फ़ाइल फ़ोटो)
दक्षिण चीन सागर में स्प्रैटली द्वीपों का सबीना शोल (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Sentinel Hub EO Browser / Wikimedia Commons, CC BY 4.0

मुख्य बातें

  1. चीन का कहना है कि अमेरिकी युद्धपोत चार्ल्सटन मंगलवार तड़के सबीना शोल के पास के पानी में घुसा।
  2. सदर्न थिएटर कमान ने कहा कि अमेरिकी कदम "चीन के संप्रभु अधिकारों का उल्लंघन" है।
  3. पिछले महीने इसी शोल के पास चाइना कोस्ट गार्ड के एक जहाज़ ने फिलीपींस की एक नाव को टक्कर मारी थी।

चीन की सेना ने मंगलवार को कहा कि एक अमेरिकी युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में सबीना शोल के पास के पानी में “गैरकानूनी ढंग से घुस आया”, और उसने जहाज़ का पीछा करने और उस पर नज़र रखने के लिए नौसैनिक बल भेजे।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की सदर्न थिएटर कमान ने कहा कि चार्ल्सटन मंगलवार तड़के चीनी सरकार की अनुमति के बिना स्प्रैटली द्वीपों के इस इलाके में दाखिल हुआ। कमान ने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई “चीन के संप्रभु अधिकारों और हितों का उल्लंघन करती है” और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालती है। उसने कहा कि वॉशिंगटन को “ऐसी गतिविधियां तुरंत बंद करनी चाहिए”।

अमेरिकी नौसेना ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। अमेरिका आम तौर पर ऐसे अभियानों को नौवहन की स्वतंत्रता वाले अभियान कहता है। दक्षिण चीन सागर में इस तरह का उसका पिछला ज्ञात अभियान एक साल से भी पहले हुआ था।

मनीला से जुड़ा तनाव

सबीना शोल पर चीन और अमेरिका के संधि सहयोगी फिलीपींस, दोनों दावा करते हैं, और यह इस सागर के सबसे तनाव भरे इलाकों में से एक बन गया है। पिछले महीने चाइना कोस्ट गार्ड के एक जहाज़ ने ईंधन पहुंचाने जा रही फिलीपींस की एक नाव को इसी शोल के पास टक्कर मारी थी।

चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है। ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम के दावे भी इससे टकराते हैं।

फिलीपींस की अमेरिका के साथ आपसी रक्षा संधि है, इसलिए इस शोल के पास किसी भी अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी पर बीजिंग के साथ मनीला की भी नज़र रहती है। दोपहर तक फिलीपींस सरकार ने मंगलवार के इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की थी।