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हंटर बाइडन लैपटॉप जांच पर कांग्रेस से झूठ बोलने के आरोप में एफबीआई के दो पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा
विदेशी चुनावी दखल पर नज़र रखने वाली एफबीआई टास्क फोर्स के प्रमुख रहे निकी फ्लोरिस और ब्रैडली बेनाविडेस वॉशिंगटन की अदालत में पेश हुए। फ्लोरिस के वकील ने मध्यावधि चुनाव से कुछ दिन पहले की इस टाइमिंग को संयोग नहीं बताया।

मुख्य बातें
- एफबीआई के पूर्व अधिकारियों निकी फ्लोरिस और ब्रैडली बेनाविडेस पर कांग्रेस से झूठ बोलने का आरोप है।
- अभियोजकों का कहना है कि एफबीआई की चुनावी दखल टास्क फोर्स की लैपटॉप जांच में कोई भूमिका न होने की उनकी गवाही संदेशों से गलत साबित होती है।
- ये आरोप 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले लगे हैं।
एफबीआई के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों पर शुक्रवार को हंटर बाइडन के लैपटॉप मामले में ब्यूरो की भूमिका को लेकर कांग्रेस से झूठ बोलने का आरोप लगाया गया। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में दो हफ्ते से भी कम समय बचा है और इसके साथ 2020 के चुनाव का एक सबसे कड़वा विवाद फिर ज़िंदा हो गया है।
लैपटॉप जांच के समय निकी फ्लोरिस और ब्रैडली बेनाविडेस एफआईटीएफ की देखरेख करते थे, जो अमेरिकी चुनावों में विदेशी दखल पर केंद्रित एफबीआई की टास्क फोर्स है। दोनों ने कांग्रेस को बताया था कि इस टास्क फोर्स की उस जांच में कोई भूमिका नहीं थी। संघीय अभियोजकों की आपराधिक शिकायत के मुताबिक उसी दौर में भेजे गए संदेश इस गवाही को झुठलाते हैं। दोनों शुक्रवार को वॉशिंगटन की अदालत में पहली बार पेश हुए।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने इस मामले का स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “एफबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कांग्रेस से झूठ बोलना हमारी व्यवस्था के मूल पर चोट है। कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
“संयोग नहीं”
दोनों के वकीलों ने न्याय विभाग पर 3 नवंबर के मतदान से पहले इस विवाद को भड़काने की कोशिश का आरोप लगाया। फ्लोरिस के वकील ने कहा कि उन्होंने करीब 20 साल एफबीआई में खुफिया अधिकारी के रूप में सेवा दी है और उन पर “तथ्यों के आधार पर नहीं, नेताओं के कहने पर” झूठे आरोप लगाए गए हैं। वकील ने कहा कि यह टाइमिंग “संयोग नहीं” है।
डेलावेयर की एक कंप्यूटर रिपेयर दुकान पर छोड़ा गया यह लैपटॉप अक्टूबर 2020 में सामने आया था, जो बाइडन की डोनाल्ड ट्रंप पर जीत से कुछ हफ्ते पहले की बात है। कुछ पूर्व खुफिया अधिकारियों ने कहा था कि इसमें रूसी दुष्प्रचार के लक्षण हैं; बाद में एफबीआई ने इसे असली पाया। इसकी सामग्री का इस्तेमाल हंटर बाइडन के खिलाफ बंदूक और टैक्स से जुड़े संघीय मामलों में हुआ, लेकिन उनके कारोबारी लेन-देन या उनके पिता से जुड़ी कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में यह टास्क फोर्स बनाई थी। बाद में रिपब्लिकनों ने बाइडन के दौर में इस पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया, और ट्रंप ने जनवरी 2025 में इसे भंग कर दिया। पटेल ने बाइडन के वर्षों में एफबीआई के आचरण की जांच का वादा किया है, और आलोचक उन पर एजेंसी का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हैं।
न्याय विभाग परंपरागत रूप से चुनाव के करीब खुलकर जांच के कदम उठाने से बचता रहा है। हाल के उसके कदमों में डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर के घर की इमिग्रेशन धोखाधड़ी जांच में तलाशी और वर्जीनिया की स्टेट सीनेटर एल लुईस लुकास के खिलाफ भ्रष्टाचार के अभियोग को सार्वजनिक करना शामिल है।