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फ्रांस में इंसान में शामोंडा वायरस का पहला मामला, मरीज़ की मौत

आमतौर पर मवेशियों में पाया जाने वाला और मिज कीटों से फैलने वाला यह वायरस पहले कभी किसी इंसान में नहीं मिला था। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को खतरा नहीं है।

संपादकीय डेस्क से · पेरिसप्रकाशित
क्यूलिकॉइडीज़ मिज, वह कीट जो जानवरों में शामोंडा वायरस फैलाता है (फ़ाइल फ़ोटो)
क्यूलिकॉइडीज़ मिज, वह कीट जो जानवरों में शामोंडा वायरस फैलाता है (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Dunpharlain / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों को पहली बार किसी इंसान में शामोंडा वायरस मिला है।
  2. मरीज़ की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमज़ोर थी; अक्टूबर की शुरुआत में संक्रमण हुआ और बाद में मौत हो गई।
  3. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल आम लोगों को कोई खतरा नहीं है।

फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि उन्हें पहली बार किसी इंसान में शामोंडा वायरस मिला है। मरीज़ की बाद में मौत हो गई।

यह वायरस मुख्य रूप से जानवरों, खासकर मवेशियों में फैलता है और काटने वाले मिज, यानी बेहद छोटे उड़ने वाले कीटों से एक से दूसरे तक पहुंचता है। अब तक यह इंसानों में नहीं पाया गया था और माना जाता था कि यह इंसानों में नहीं फैल सकता।

जारी जानकारी के मुताबिक मरीज़ की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमज़ोर थी और अक्टूबर की शुरुआत में उसे संक्रमण हुआ। अधिकारियों ने मरीज़ की पहचान या यह नहीं बताया कि फ्रांस में संक्रमण कहां हुआ।

अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल उन्हें “आम लोगों के लिए कोई खतरा” नहीं दिखता। इंसानों में कोई और मामला सामने नहीं आया है और मरीज़ के संक्रमित होने के तरीके की जांच जारी है।

वैज्ञानिक अब यह पता लगाना चाहेंगे कि यह संक्रमण मरीज़ की कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से हुआ इक्का-दुक्का मामला था, या इस बात का संकेत कि वायरस ज़्यादा व्यापक रूप से इंसानों तक पहुंच सकता है। इसी सवाल के जवाब से तय होगा कि स्वास्थ्य एजेंसियां किसानों और मिज के संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों की निगरानी में बदलाव करती हैं या नहीं।