दुनियापश्चिम एशिया
ग़ज़ा में इज़राइली हमलों और गोलीबारी में चार की मौत, घर में मारा गया दंपती
ग़ज़ा सिटी में एक फ्लैट पर हवाई हमले में पति-पत्नी मारे गए और ख़ान यूनिस में 17 साल के लड़के को गोली लगी। लोगों का कहना है कि युद्धविराम कहीं दिखता नहीं।
मुख्य बातें
- ग़ज़ा सिटी के एक फ्लैट पर हवाई हमले में अकरम यासीन और उनकी पत्नी दीना अबू बकर की मौत हुई।
- ख़ान यूनिस के पास 17 साल के एक लड़के की गोली मारकर हत्या हुई।
- स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से 1,522 लोग मारे गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को ग़ज़ा में अलग-अलग घटनाओं में इज़राइली हवाई हमलों और गोलीबारी में कम से कम चार फ़लस्तीनी मारे गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि युद्धविराम सिर्फ कागज़ पर है।
डॉक्टरों के मुताबिक ग़ज़ा सिटी में एक इज़राइली हवाई हमला एक अपार्टमेंट पर हुआ, जिसमें अकरम यासीन और उनकी पत्नी दीना अबू बकर मारे गए। सोमवार रात से मंगलवार तक हमले तेज़ हुए और ज़्यादातर ग़ज़ा सिटी पर केंद्रित रहे, जहां इस फ्लैट को बिना किसी चेतावनी के निशाना बनाया गया।
महमूद यासीन, जिनके भाई इस हमले में मारे गए, ने कहा, “हम युद्धविराम के दौर में होने चाहिए, लेकिन सच कहूं तो हमें न कोई युद्धविराम दिख रहा है, न कुछ और।”
दक्षिण में ख़ान यूनिस के क़िज़ान अन-नज्जार इलाके के पास इज़राइली गोलीबारी में 17 साल के एक लड़के की मौत हो गई। ग़ज़ा सिटी के पूर्व में ज़ैतून इलाके में एक और व्यक्ति को गोली मार दी गई। फ़लस्तीनी समाचार एजेंसी वफ़ा के मुताबिक इज़राइली तोपखाने ने ख़ान यूनिस के दक्षिणी इलाकों में भी गोले दागे।
इन घटनाओं पर इज़राइली सेना की ओर से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं आई।
ग़ज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक अक्टूबर 2025 का युद्धविराम लागू होने के बाद से 1,522 लोग मारे गए हैं और 5,421 घायल हुए हैं, और इस दौरान मलबे से 839 शव निकाले गए हैं। अक्टूबर 2023 से अब तक कम से कम 74,480 लोग मारे गए हैं और 1,75,539 घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से ग़ज़ा की करीब 82% इमारतें, यानी लगभग 2,00,000 इमारतें, क्षतिग्रस्त हुई हैं और करीब दो-तिहाई पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं।