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टुपैक शकूर की हत्या में पूर्व गैंग सरगना कीफ़ डी को 40 साल से उम्रकैद तक की सज़ा
1996 में लास वेगास में हुई गोलीबारी के मामले में 63 साल के ड्वेन डेविस अकेले आरोपी हैं। उन्होंने अदालत में कहा कि वे फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

मुख्य बातें
- लास वेगास की एक जज ने ड्वेन "कीफ़ डी" डेविस को 40 साल से उम्रकैद तक की सज़ा सुनाई।
- डेविस को 1996 में टुपैक शकूर की हत्या के लिए घातक हथियार से फर्स्ट-डिग्री मर्डर का दोषी ठहराया गया था।
- इंटरव्यू और संस्मरण में उनकी अपनी शेखी से ही करीब 30 साल बाद अभियोजन को केस बनाने में मदद मिली।
रैपर टुपैक शकूर की 1996 में हुई हत्या के मामले में मंगलवार को लास वेगास में एक पूर्व गैंग सरगना को 40 साल से लेकर उम्रकैद तक की सज़ा सुनाई गई। यह मामला करीब 30 साल तक अनसुलझा रहा था।
63 साल के ड्वेन “कीफ़ डी” डेविस कभी साउथ साइड कॉम्पटन क्रिप्स गैंग के सरगना थे। शकूर की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए वे अकेले व्यक्ति हैं। उन्हें घातक हथियार के इस्तेमाल के साथ फर्स्ट-डिग्री मर्डर (सोची-समझी हत्या) का दोषी पाया गया था।
सज़ा सुनाते हुए जज कार्ली किर्नी ने कहा, “दुनिया न उन्हें भूली, न उनकी मौत को, और लास वेगास भी नहीं भूला।”
1996 की गोलीबारी
7 सितंबर 1996 को लास वेगास में माइक टायसन का हैवीवेट मुकाबला देखने के बाद शकूर लाल बत्ती पर रुकी एक काली बीएमडब्ल्यू की आगे वाली सीट पर बैठे थे, तभी उन्हें गोली मारी गई। छह दिन बाद 25 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई। यह गोलीबारी शकूर के साथियों और डेविस के भतीजे ऑरलैंडो एंडरसन के बीच हुई झड़प के करीब दो घंटे बाद हुई थी।
जांचकर्ताओं को दशकों तक डेविस पर शक था, लेकिन आरोप लगाने लायक सबूत नहीं थे। बदलाव खुद डेविस की वजह से आया: उन्होंने मीडिया इंटरव्यू और 2019 में आए अपने संस्मरण कॉम्पटन स्ट्रीट लेजेंड में अपनी भूमिका के बारे में बात की। उसमें उन्होंने माना कि उन्होंने एक सफेद कैडिलैक में बैठे साथियों को बंदूक थमाई थी। उस कार में बैठे लोगों में अब सिर्फ वही ज़िंदा हैं।
2008 में संघीय एजेंसियों के साथ हुए एक समझौते में उन्हें निजी तौर पर दिए गए बयानों के लिए सीमित छूट मिली थी। अभियोजन का तर्क था कि सार्वजनिक बयानों से यह छूट खत्म हो गई।
अदालत में परिवार
अभियोजक मार्क डिजियाकोमो ने कहा कि डेविस अपनी की हुई हत्या से कमाई करने की कोशिश कर रहे थे और उनका जेल में ही मरना “तय” है। शकूर की बहन सेकीवा “सेट” शकूर ने अदालत से कहा, “इस इंसान की ज़िंदगी मायने रखती थी।” उनके भाई मॉरिस “मोप्रीम” शकूर ने इस हत्या को “तबाह करने वाला, दिल तोड़ने वाला और दुखद” बताया।
जब डेविस से पूछा गया कि क्या वे कुछ और कहना चाहते हैं, तो उन्होंने कहा, “नहीं, मैं ठीक हूं।” उन्होंने ज़ब्त की गई चीज़ें, जिनमें निजी तस्वीरें भी हैं, लौटाने की मांग की और कहा कि वे इस मामले में “पक्का अपील करेंगे”।