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नैरोबी के ईस्टली में ढही इमारत के मलबे में तलाश जारी, गवर्नर बोले, मंज़ूरी नहीं थी

नैरोबी के व्यस्त ईस्टली इलाके में निर्माणाधीन ऊंची इमारत गिरने के बाद बचाव दल का रास्ता रोक रही भीड़ पर पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। एक महिला को ज़िंदा निकाला गया है।

संपादकीय डेस्क से · नैरोबीप्रकाशित
नैरोबी के ईस्टली की एक सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)
नैरोबी के ईस्टली की एक सड़क (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Dan Kori / korispective.de / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. नैरोबी के ईस्टली में निर्माणाधीन इमारत शुक्रवार दोपहर करीब 1:40 बजे ढह गई।
  2. एक महिला को बचाया गया है; अधिकारियों ने मृतकों की संख्या नहीं बताई।
  3. गवर्नर जॉनसन साकाजा ने कहा कि इमारत के पास ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट नहीं था।

नैरोबी के ईस्टली इलाके में ढही ऊंची इमारत के मलबे में बचाव दल शनिवार को भी तलाश में जुटे रहे। एक दिन पहले यह इमारत अंदर मौजूद मज़दूरों समेत गिर गई थी, जिसके बाद लूटपाट शुरू हो गई और पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी।

केन्या रेड क्रॉस के मुताबिक इमारत शुक्रवार दोपहर करीब 1:40 बजे गिरी। यह अभी बन ही रही थी, लेकिन इसके भूतल पर दुकानें चल रही थीं। अलग-अलग रिपोर्टों में इसकी ऊंचाई 12 से 18 मंज़िल तक बताई गई है। पुलिस महानिरीक्षक डगलस कांजा ने एक व्यक्ति को बचाए जाने की पुष्टि की। यह एक महिला हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने न मृतकों की संख्या बताई है, न यह कि कितने लोग फंसे हो सकते हैं।

एक मज़दूर ने बताया कि मौके पर करीब 70 लोग थे और उसे डर है कि इमारत गिरते वक्त कुछ लोग तहखाने में थे। सीनेटर एडविन सिफ़ुना ने कहा कि रेड क्रॉस फंसे हुए कुछ लोगों के संपर्क में है। केन्या रक्षा बल के जवान, राष्ट्रीय आपदा संचालन केंद्र, रेड क्रॉस और नेशनल यूथ सर्विस के कर्मी खुदाई मशीनों, ब्रेकरों और खोजी कुत्तों के साथ मौके पर हैं।

घनी आबादी वाले इस कारोबारी इलाके में तमाशबीनों और लुटेरों की भीड़ तेज़ी से जुट गई, और आपात गाड़ियों का रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। चश्मदीदों के मुताबिक बचाव दल पहुंचने से पहले एंबुलेंसों पर पत्थर फेंके गए।

नैरोबी के गवर्नर जॉनसन साकाजा ने कहा कि इमारत के पास ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट नहीं था और मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे उल्लंघनों पर जुर्माना “5,000 शिलिंग जितना कम भी हो सकता है”, जो उनके शब्दों में “बिल्डरों को रोकने के लिए बहुत कमज़ोर” है। वाइपर पार्टी के नेता कलोंज़ो मुस्योका ने मांग की कि इस ढांचे को मंज़ूरी देने, जांचने और बनाने वाले हर व्यक्ति की जवाबदेही तय हो।

नैरोबी में इस समय निर्माण की होड़ लगी है। पिछले साल हुए एक ऑडिट में देश भर में जांची गई 87% इमारतें मानकों पर खरी नहीं उतरीं या उनके पास ज़रूरी मंज़ूरी नहीं थी। अप्रैल 2016 में भारी बारिश के बाद शहर के उत्तर-पूर्व में एक इमारत ढहने से 49 लोगों की मौत हुई थी।